बरेली। बीसलपुर रोड के सांई मंदिर में दुकान लगाने पर दो पक्षों में गुरुवार सुबह खासी तकरार हो गई। एकदूसरे पर आरोप लगाए तो हंगामे की नौबत आ गई। रुहेलखंड चौकी पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत करा दिया।
ग्रीन पार्क के पास सांई मंदिर है। रामपुर गार्डन के रामानंद अग्रवाल इसके स्वामी बताए जाते हैं। मंदिर पर शहामतगंज सांई मंदिर के पुजारी पंडित सुशील पाठक ने एक दुकान लगवा रखी है। यहां राजू सैनी फूल तो मनोज प्रसाद बेचते हैं। बताते हैं कि गुरुवार को रामानंद ने सामने ही दूसरी दुकान लगवाकर धर्मेंद्र को बैठा दिया। उन्होंने राजू व मनोज से अपनी दुकान हटाने को कहा तो उन्होंने सुशील पाठक को सूचना दे दी। सुशील पहुंचे और कहासुनी शुरू हो गई। सुशील ने ही पुलिस को सूचना दे दी। चीता पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर हटा दिया। अब दोनों ही दुकानें लगी हुई हैं। बारादरी इंस्पेक्टर कृष्णवीर का कहना है कि स्थानीय पुलिस ने ही मामला निपटा दिया होगा, थाने में कोई तहरीर नहीं है।
पहले दुकान लगाई, अब नीयत में आई खोट
मैं शहामतगंज मंदिर जाता था। वहीं सुशील पाठक से परिचय हो गया। मंदिर बनवाया तो उनके अनुरोध पर प्रसाद की दुकान रखवा दी। अब उनकी नीयत बदल गई है। कई दूसरे मंदिरों पर कब्जे के क्रम में अब यहां भी कब्जा करना चाहते हैं। बुजुर्ग व्यक्ति हूं। कुछ लोग तो कब्जे के लिए मेरे मरने का इंतजार कर रहे हैं। किसी से शिकायत क्यों करूं। कोई जांच कर ले, मैं अपनी जगह सही हूं। - रामानंद अग्रवाल
मंदिर सार्वजनिक, हमने भी घूमकर जुटाया चंदा
मंदिर रामानंद की निजी संपत्ति नहीं है। सांई रेजीडेंसी की जमीन पर है और इसके लिए मेरे साथ कई और लोगों ने भी घरों में घूमकर चंदा जुटाया था। 2009 में स्थापना के समय ही तय हो गया था कि प्रसाद की दुकान हमारी रहेगी। वे अपनी दुकान लगाएं तो भी ऐतराज नहीं पर हमारी हटाना गलत है। सिटी मजिस्ट्रेट से पहले ही शिकायत कर चुके हैं। लड़कों से अभद्रता की तहरीर भी दी है। - सुशील पाठक