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 है बड़े साहब का सेवादार इसलिए छेड़खानी करने का पूरा अख्तियार

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MJP Rohilkhand university
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बरेली। विश्वविद्यालय परिसर में एमएससी छात्रा से सरेआम छेड़खानी का मामला ‘बड़े साहब’ के इशारे पर निपटा दिया गया। दरअसल छेड़खानी करने वाला बड़े साहब के ही एक खिदमतगार का बेटा था, लिहाजा बड़े साहब ने उसे बचाने के लिए पुलिस पर दबाव बना दिया। पुलिस ने भी छात्रा को न्याय दिलाने के बजाय उसे थाने बुलाकर छेड़खानी की एफआईआर दर्ज कराने की ‘ऊंच-नीच’ समझाई और उससे मारपीट-गालीगलौज की दूसरी तहरीर लेकर एनसीआर दर्ज कर मामला निपटा दिया।
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विश्वविद्यालय के गेट पर एमएससी प्रथम वर्ष की छात्रा के साथ विश्वविद्यालय के ही एक कर्मचारी के बेटे ने बृहस्पतिवार को छेड़खानी की थी। आरोपी भी विश्वविद्यालय में एमबीए का छात्र है। छात्रा ने छेड़खानी का विरोध किया तो उसने उसे उठा ले जाने की धमकी दी। यही नहीं छात्रा ने एक सुरक्षा गार्ड से मदद मांगी तो उसने भी आरोपी की तरफदारी करते हुए छात्रा को अपशब्द कहे। छात्रा से छेड़खानी की खबर फैली तो एबीवीपी के पदाधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया था। शुक्रवार को विश्वविद्यालय के दर्जनभर छात्र और पीड़ित छात्रा थाना बारादरी पहुंचे। छात्रा ने छेड़खानी की तहरीर पुलिस को सौंपी। लेकिन पुलिस ने छात्रा की इस तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय दूसरी तहरीर लिखवाई। इसमें लिखा गया कि छात्र अश्विनी शाही ने नशे की हालत में उससे गालीगलौज की और अपने साथियों के साथ मारपीट करके भाग गया। यह भी लिखा गया कि सोमवार को भी अश्विनी ने गालीगलौज की थी।

छात्रा की तहरीर पर मारपीट और गालीगलौज की ही धाराएं बनती है। उन्हीं धाराओं में रिपोर्ट लिखी गई है। - वेद प्रकाश, प्रभारी निरीक्षक बारादरी थाना

विश्वविद्यालय में दूसरे दिन भी जमकर हंगामा, आरोपी एक महीने के लिए सस्पेंड

बरेली। एमएससी की छात्रा के साथ छेड़खानी के मामले में विश्वविद्यालय को शुक्रवार को भी पूरे दिन हंगामा हुआ। समाजवादी छात्र सभा ने कर्मचारी के आरोपी बेटे पर सख्त कार्रवाई न होने पर विरोध जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी। उधर, विद्यार्थी परिषद ने भी कुलपति का घेराव कर आरोपी छात्र पर रिपोर्ट दर्ज कराने और विभागीय कार्रवाई की मांग की।
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सछास नेता गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में तमाम छात्र कुलपति कार्यालय पहुंचे। कुलपति नहीं मिले तो गेट पर ही धरने पर बैठ गए। कुलपति के आने पर उनसे वार्ता के दौरान छात्रनेताओं की नोकझोंक भी हुई। छात्रनेताओं ने कहा कि आरोपी को तत्काल सस्पेंड कर उस पर एफआईआर दर्ज कराई जाए। कैंपस में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। इस दौरान कृष्ण तिवारी, कमल, संतोष, अतुल साहनी, राहुल, नीरज समेत बड़ी संख्या में संगठन के नेता और छात्र मौजूद रहे। उधर विद्यार्थी परिषद के गौरव यादव तमाम विद्यार्थियों के साथ कुलपति से मिलने पहुंचे। आरोपी छात्र पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। कुलपति ने कहा कि छात्र को सस्पेंड कर एफआईआर दर्ज करा दी गई है। सछास के गजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि तहरीर बदलवाकर कर्मचारी के बेटे को बचाने की कोशिश की गई है। इससे विश्वविद्यालय की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। इसका उनका संगठन पुरजोर विरोध करेगा। वहीं छात्र को एक माह के लिए सस्पेंड कर दिया गया है।

एनसीआर में आरोपी के पिता का नाम भी गायब
विश्वविद्यालय से लेकर पुलिस तक सबको मालूम था कि आरोपी किसका बेटा था, लेकिन इसके बावजूद बड़े साहब का इस कदर दबाव था कि पुलिस ने न सिर्फ छेड़खानी की एफआईआर के बजाय सिर्फ मारपीट की एनसीआर दर्ज की बल्कि उसमें से भी आरोपी छात्र के पिता का नाम गायब कर दिया।
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