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शराब की दुकान हटाओ नहीं तो ढोलक यहीं बजाएंगे

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बरेली। सुभाषनगर के करेली गांव से हटाई गई देसी शराब की दुकान पटेल विहार में खोली गई तो कॉलोनी की महिलाओं ने चंडी का रूप धारण कर लिया। नवरात्र के पहले दिन शराब की दुकान के बाहर इकट्ठी हुई महिलाओं ने पूरे दिन यहां हंगामा किया और दुकान पर ताला लगाकर एलान कर दिया अब अगर यह दुकान खुली तो वे मंदिर के बजाय यहीं आकर ढोलक बजाकर कीर्तन करेंगी। सुबह करीब 12 बजे से रात दस बजे तक महिलाएं शराब की दुकान के बाहर जमी रहीं। हंगामे की खबर पर करगैना चौकी के फोर्स के साथ डायल 100 की भी तीन गाड़ियां पहुंच गईं, लेकिन महिलाएं टस से मस नहीं हुईं। पुलिस भी उनके सामने बेबस नजर आई।
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पटेल विहार में तीन-चार दिन पहले खोली गई शराब की दुकान पहले करेली गांव में थी। इस दुकान के खिलाफ महिलाओं में पहले ही दिन से आक्रोश पनपना शुरू हो गया था। बुधवार को नवरात्र के पहले दिन यह आक्रोश सड़क पर आ गया। शराब की दुकान के बाहर इकट्ठी हुई तमाम महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया और कुछ देर दुकान पर मौजूद लोगों को जबरन बाहर निकालकर शटर गिराकर उसमें ताला जड़ दिया। महिलाओं का कहना था कि पटेल विहार में चौथी बार शराब की दुकान खोली गई है। अफसरों ने यह तक परवाह नहीं कि इस समय नवरात्र चल रहे हैं। महिलाओं ने चेतावनी दी कि अब अगर दोबारा कोई दुकान खोलने आया तो वे न सिर्फ उसे पीटकर भगाएंगी बल्कि मंदिर में भजन-कीर्तन के बजाय दुकान के बाहर ही बैठकर ढोलक बजाएंगी।
दोपहर के वक्त महिला जागृति मंच की अध्यक्ष मनु नीरज भी पटेल विहार पहुंच गईं और महिलाओं के आंदोलन को समर्थन देने का एलान कर अपने संगठन की सदस्यों के साथ वहीं जम गईं। हंगामे की सूचना पर डायल-100 की तीन गाड़ियां पहुंच गई। करगैना चौकी इंचार्ज राजीव कुमार भी फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को काफी संभालने की कोशिश की मगर महिलाएं दुकान के बाहर से हटने को तैयार नहीं हुईं। मनु नीरज ने कहा कि दुकान जब करेली के लिए स्वीकृत हुई है तो उसे पटेल विहार में कैसे खोल दिया गया। पटेल विहार की महिलाओं का कहना था कि वे इस बारे में डीएम और एसएसपी से भी शिकायत कर चुकी हैं लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं महिलाओं को करगैना चौकी इंचार्ज राजीव कुमार काफी देर समझाते रहे, लेकिन महिलाएं रात दस बजे तक दुकान के बाहर ही बैठी रहीं।
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