फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वर्चस्व को लेकर विवि के हास्टल में ‘दंगल’

विज्ञापन
विज्ञापन
 एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय का नवीन छात्रावास रविवार को वर्चस्व की लड़ाई में अखाड़ा बन गया। प्रोजेक्ट वर्क को लेकर हुई कहासुनी ने उग्र रूप ले लिया। इंजीनियरिंग फर्स्ट ईयर के छात्रों में जमकर मारपीट हुई। इसमें दो छात्रों को चोटें भी आईं। छात्रों ने हॉस्टल में तोड़फोड़ भी कर डाली। हॉस्टल प्रशासन से जब स्थिति कंट्रोल नहीं हुई तो पुलिस को बुलाया। रात तीन बजे स्थिति नियंत्रण में आई। हॉस्टल प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए आठ छात्रों को हॉस्टल से निकाल दिया है। इनके घरों पर भी पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन

एमजेपी रुहलेखंड विश्वविद्यालय के नवीन छात्रावास में रविवार रात खाने के वक्त ईआई ब्रांच के श्रीनिवासन और मेकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रशांत कुमार के बीच प्रोजेक्ट फाइल को लेकर छींटाकशी शुरू हुई। श्रीनिवासन ने प्रशांत पर तंज कसा कि तुझे काहे की फिक्र तेरी फाइल तो कोई और बनाएगा। खाने की टेबल से शुरू हुआ विवाद मारपीट पर आ गया। दोनों छात्रों के दोस्त आ गए और मारपीट होने लगी। सुरक्षा गार्ड ने जैसे-तैसे मामला निपटाया। वार्डन डॉॅ. विजय बहादुर व अन्य प्रॉक्टर भी पहुंचे और मामला रफादफा करा दिया। उधर, गुस्से की चिंगारी में केमिकल इंजीनियरिंग के छात्रों ने तेल डालने का काम किया। केमिकल के छात्र हॉस्टल में अपनी चलाना चाहते हैं तो मेकेनिकल गुट खुद को मजबूत मान रहा। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे ईआई ब्रांच के छात्र बैठे थे। वहीं केमिकल इंजीनियरिंग के छात्र आ गए और आरोप है कि मेकेनिकल के छात्रों के खिलाफ खूब चढ़ाया। कुछ सीनियर छात्र भी फोन करके इनको भड़काने लगे। मामला बढ़ने पर देख लेने की बात कही। इसी दौरान मेकेनिकल के छात्र भी आ गए। नोकझोंक हो ही रही थी कि मेकेनिकल के एक छात्र को किसी ने पीछे से थप्पड़ मार दिया। यहीं से बवाल शुरू हुआ। देखते ही देखते हॉस्टल मेें लड़ाई ने केमिकल बनाम मेकेनिकल का रूप ले लिया। केमिकल के छात्र रॉड निकाल लाए। दरवाजों पर मारने लगे। विंडो के शीशे भी तोड़ डाले। दूसरे गुट के छात्र भी बाहर निकल आए। इसके बाद छात्रों में जमकर लात घूसें चले। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो छात्रों ने एक दूसरे को जमीन पर गिरा गिराकर पीटा। चीख पुकार सुनकर सुरक्षा गार्ड भी पहुंचे, लेकिन हालात बेकाबू थे। वार्डन डॉ. विजय बहादुर, डॉ. जेएन मौर्या फिर पहुंचे, लेकिन इस बार हालात बेकाबू थे। तुरंत पुलिस को बुलाया गया। पुलिस पहुंचने के बाद करीब तीन बजे बवाल शांत हो सका। दो छात्रों के सिर में भी चोट लगी। हॉस्टल प्रशासन ने आठ छात्रों को निकाल दिया गया है।

इन छात्रों को हॉस्टल से निकाला गया।
-केमिकल इंजीनियरिंग प्रथम के नीरज कश्यप, अभिषेक चौधरी, आदित्य त्यागी, अभिषेक रस्तोगी।
-मेकेनिकल इंजीनियरिंग प्रथम के प्रशांत कुमार, सूर्य प्रकाश गुप्ता, सिद्धार्थ सिंह, आवेश राजपूत

मारपीट करने वाले छात्रों का बिगड़ जाएगा चरित्र प्रमाणपत्र
सोमवार को वार्डन डॉ. विजय बहादुर, चीफ वार्डन प्रोफेसर एके जेटली, चीफ प्रॉक्टर डॉ. बीआर कुकरेती, प्रॉक्टर बृजेश त्रिपाठी व अन्य प्रॉक्टर्स की बैठक हुई। इसमें आठों छात्रों को हॉस्टल से निकालने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही छात्रों के विभागों और विभागाध्यक्षों को भी पत्र भेजा गया। इन छात्रों की सूची प्रॉक्टर ऑफिस में बनाई जाएगी। चरित्र प्रमाण भी इसी अनुसार बनेंगे। यानी जो छात्र अब बदमाशी करेगा उसे क्लीन चरित्र प्रमाण पत्र नहीं सकेगा।
विज्ञापन


कुछ सीनियर छात्र कर रहे हस्तक्षेप
नवीन छात्रावास के कुछ छात्र सीनियर के संपर्क में आ गए हैं। कुछ दिन पहले किसी बात को लेकर मेकेनिकल और केमिकल इंजीनियरिंग छात्रों में नोकझोंक हो गई थी। इसके बाद दोनों एक दूसरे को सबक सिखाना चाहते थे। इसकी भनक कुछ सीनियर छात्रों को लगी तो वह एक दूसरे को भड़काने लगे। उनको यह यकीन दिलाया कि अगर कुछ कार्रवाई होती है तो वह उसे रुकवा देंगेे। कुछ दिन से दोनों के छात्र टशन में थे। एक दूसरे में कमेंट करते थे। उसी का गुस्सा रविवार रात में निकला।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें