जंक्शन से अगवा किशोरी के साथ गैस एजेंसी के गोदाम में गैंगरेप की गूंज रेलवे बोर्ड तक पहुंच गई है। बोर्ड की एक टीम जल्द ही जंक्शन पर पहुंचकर मामले की जांच करेगी। इधर, बोर्ड ने इस प्रकरण को लेकर आरपीएफ और जीआरपी की भूमिका पर कई सवाल उठाए हैं। पूछा है कि इस तरह की लड़कियां जंक्शन पर कहां से और क्यों आती हैं? उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाती है?
चार लोग जंक्शन से एक किशोरी को 24/25 अप्रैल की रात अगवा कर टेंपो से रुहेलखंड गैस एजेंसी के गोदाम में ले गए थे। वहां चारों ने किशोरी से रेप किया था। जीआरपी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। रेलवे बोर्ड ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। बोर्ड का कहना है कि ऐसी घटनाओं से रेलवे की छवि खराब होती है। इस मामले में बोर्ड ने एक टीम गठित की है, जो जल्द ही जंक्शन पहुंचकर पूरे प्रकरण की जांच करेगी।
बोर्ड ने इस मामले में आरपीएफ और जीआरपी की भूमिका पर कई सवाल उठाए हैं। पूछा है- आखिर जंक्शन पर ऐसी लड़कियां कहां से और क्यों आती हैं? आरपीएफ/जीआरपी उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करती? जिस किशोरी को जंक्शन से अगवा किया गया वह दो साल से वहां वेटिंग हाल में रह रही थी, फिर जीआरपी/आरपीएफ को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई? जंक्शन के सरकुलेटिंग एरिया में ऐसी लड़कियां रात के समय यात्रियों की जेबें भी साफ कर देती हैं। कई बार वे पकड़ी भी जा चुकी हैं, लेकिन जंक्शन पर उनकी आवाजाही पर रोक नहीं लग पा रही है।