फरीदपुर। लोगों से हवाला व अन्य तरीके से ठगी करने वाले गुलाम साबिर और उसके पांच साथियों की हल्द्वानी में गिरफ्तारी के बाद कस्बा समेत क्षेत्र में सक्रिय ठगों में हड़कंप है। इनमें से अधिकांश अंडरग्राउंड हो गए हैं। इन्हें हल्द्वानी पुलिस की छापामारी का डर सता रहा है। इतना बड़ा नेटवर्क होने के बाद भी न तो पुलिस और न ही कोई अन्य एजेंसी गंभीरता से इनकी जांच कर रही है।
मिर्धान मोहल्ला निवासी गुलाम साबिर समेत पांच लोग नाइजीरिया के गैंग से जुड़े थे। हल्द्वानी के एक ऑयल कंपनी के अधिकारी को नाइजीरियन महिला के जाल में फंसाकर इन लोगों ने छह लाख से ज्यादा रुपये ठग लिए। इन्हें वहां की पुलिस ने धर दबोचा। फरीदपुर क्षेत्र इस लिहाज से काफी संवेदनशील है। हवाला के जरिये रुपये खातों में पहुंचाने वाले कई लोगों के नाम सामने आ चुके हैं। पहले अकरम हवाला से रकम मंगाता था। इसकी जानकारी दिल्ली तथा झारखंड पुलिस को हो गई थी। उन्होंने छापा मारा तो अकरम के दो खाते फरीदपुर में निकले। दोनों बैंक राजमार्ग पर स्थित हैं। वहां की पुलिस ने दोनों खातों पर रोक लगवा दी तथा बैंक को भी निर्देश दिए कि यदि कोई लेनदेन खातों से होता है तो तत्काल सूचना दें। अकरम बंगलुरु भाग गया। उसके बाद पुलिस अकरम को गिरफ्तार नहीं कर पाई। फरीदपुर में 50 से ज्यादा लोग ऐसे बताए जाते हैं जिनके खातों में हवाला के जरिये विदेश से पैसे आ रहे हैं। अधिकांश खाते कारचोबी की फर्म बनाकर खोले गए हैं। बताते हैं कि ये लोग रकम निकालकर उन लोगों को दे देते हैं जिनके लिए ये भेजी जाती है। बदले में मोटा कमीशन मिलता है। फरीदपुर का दीदार भी ऐसे मामले में फंसा था, अब वो दिल्ली में रह रहा है। उस पर बैंक डकैती तथा अन्य कई मुकदमे भी हैं। गिरोह का सरगना इज्जतनगर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी सदाकत है। उसने तीन शादियां की हैं जिनमें से एक उसकी पत्नी फर्राटेदार इंग्लिश बोलती है। कई बार तो विदेशी महिला बनकर वही लोगों को फंसा लेती है। पुलिस के हाथ अभी सदाकत तक नहीं पहुंच सके हैं। गुलाम साबिर ने हाल ही में सात लाख की ठगी फरीदपुर की एक फर्म से कर ली थी। रिपोर्ट के बाद एचडीएफसी बैंक ने उसके खाते को सीज कर दिया। फरीदपुर इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने बताया कि गुलाम साबिर के गैंग के बाकी सदस्यों को चिह्नित करके गिरफ्तार किया जाएगा। उनकी जानकारी जुटाई जा रही है।