मीरगंज। सिपाही के हत्यारे गोवंशीय तस्करों के मददगार मीरगंज के होमगार्ड कंपनी कमांडर मनोज शर्मा के विरुद्ध मीरगंज थाने में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत के संगीन आरोपों में एक और मुकदमा लिखाया गया है। मुकदमे में मनोज शर्मा समेत पांच आरोपी बनाए गए हैं। पुलिस ने आरोपी मनोज शर्मा के पिता, बहनोई को हिरासत में भी ले लिया। हालांकि दोनों को छुड़वाने के लिए देर शाम तक पुलिस पर भारी दबाव था।
गांव जौनेर के वली हसन खां पुत्र नबी हसन खां ने एसएचओ अमर सिंह को तहरीर दी। आरोप लगाया कि कि होमगार्ड कंपनी कमांडर मनोज शर्मा और उसके भाई पुरुषोत्तम शर्मा ने 15 अगस्त 18 को बेटे जफर खां की नौकरी लगवाने के एवज में दो लाख रुपये ले लिए। बकाया पांच लाख रुपये नौकरी लगने के बाद लेने की बात कही थी। सात जनवरी 19 को रुपये वापस मांगे तो अगले दिन मनोज शर्मा के पिता राजेंद्र शर्मा और सगे बहनोई संजरपुर के दिनेश शर्मा, सुधीर शर्मा पुत्र रामकुमार शर्मा मो. मेवात मीरगंज घर में घुस आए और मारा-पीटा। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मनोज शर्मा, उसके भाई पुरुषोत्तम शर्मा, पिता राजेंद्र शर्मा, बहनोई दिनेश शर्मा और करीबी सुधीर शर्मा के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली है। दो नामजद आरोपियों राजेंद्र शर्मा, दिनेश शर्मा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।