बरेली/बिसारतगंज।
अखा गांव निवासी नरेश पाल की हत्या गांव के ही पांच लोगों ने मिलकर की थी। नरेश के दोस्त मुकेश ने फोन करके उसे बाजार स्थित दुकान पर बुलाया। इसके बाद वही नरेश को प्राथमिक स्कूल के अंदर ले गया था, जहां उसकी प्रेमिका का पिता प्रेमपाल, एजभान और प्रेमपाल का पिता कलेक्टर सहित शाहजहांपुर का श्रीओम पहले से घात लगाकर बैठे थे। वहां पहुंचते ही नरेश के सिर पर भारी धारदार हथियार से वार किए गए, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद सभी आरोपी गांव से फरार बताये जा रहे हैं। नरेश के परिवार की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
अखा गांव के नरेश पाल के गांव के ही प्रेमपाल की बेटी से प्रेम संबंध थे। प्रेमपाल इसका विरोध करता था, जबकि नरेश शादी करना चाहता था। इसे लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद भी हुआ था। नरेश को धमकियां भी मिली रही थीं। पिता की मौत के बाद नरेश को मृतक आश्रित कोटे में चपरासी की नौकरी मिली थी। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि शाम करीब 7.30 बजे मुकेश ने फोन करके नरेश को बाजार में बुलाया था। दोनों हलवाई की दुकान पर मिले। इसके बाद मुकेश उसे लेकर स्कूल के अंदर गया और कुछ देर बाद वह अकेला लौटा था। ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में नरेश का शव पड़ा देख पुलिस को सूचना दी थी।
धारदार हथियार से आधा दर्जन से ज्यादा वार
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, नरेश की गर्दन और सिर पर आधा दर्जन से ज्यादा वार भारी धारदार हथियार से किए गए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने नरेश का मोबाइल उसके घर से बरामद किया था, अब उसकी कॉल डिटेल निकाली जा रही है। इसमें प्रेमपाल की बेटी से लंबी बात होना सामने आया है। बिसारतगंज के इंस्पेक्टर रकम सिंह ने बताया कि वह खुलासे के नजदीक है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।