बरेली। किला पुलिस जुआरियों और शोहदों पर खासी मेहरबान है। रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद छेड़छाड़ के आरोपी का शांतिभंग में चालान किया तो उसे फौरन ही जमानत मिल गई। वहीं, जुआरियों को थाने से ही जमानत देकर मामला रफा दफा कर दिया। इस मामले में थाने के एक सिपाही की भूमिका संदिग्ध बताई जाती है।
किला क्षेत्र की एक छात्रा को कोचिंग जाते हुए शोहदा परेशान करता था। उसकी तहरीर पर छेड़खानी की एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने शोहदे को पकड़कर थाने में बैठाया लेकिन जेल न भेजकर सेटिंग शुरू कर दी। इसके बाद छेड़छाड़ के बजाय उसका शांतिभंग में चालान करके मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया तो फौरन ही जमानत मिल गई।
पुलिस के इस खेल का खामियाजा अब छात्रा को उठाना पड़ रहा है। शोहदा उसे दोबारा परेशान करने लगा है। इसके चलते छात्रा एसएसपी कार्यालय में पेश होकर किला पुलिस के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में है।
जुआ खेलते पकड़ा और थाने से दी जमान
सट्टा और जुआ की आड़ में किला पुलिस पकड़ो-छोड़ो का खेल चला रही है। पुलिस ने 12 जनवरी की शाम साढ़े सात बजे किला छावनी में छोटी मजार के पीछे चार लोगों को जुआ खेलते हुए पकड़ा। थाना किला में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक उनके पास से ताश के पत्ते और 1150 रुपये बरामद हुए। पकड़े गए आरोपियों में छावनी का वली मोहम्मद, करन, अफसर और केलाबाग निवासी जितेंद्र था। मगर पुलिस ने जुआरियों को थाने से ही जमानत देकर मामला रफा दफा कर दिया।