शाहजहांपुर। पुलिस की पिटाई से बालेश्वर की मौत के बाद हाईवे पर शव रखकर लगभग छह घंटे से अधिक समय तक जाम लगाए लोगों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया तो गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इसके बाद एक्शन में आई पुलिस ने लोगों को दौड़ाकर खदेड़ दिया और शव को सड़क से उठाकर जिला अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस में रखवा दिया। जैसे ही एंबुलेंस आगे बढ़ी तभी फिर एंबुलेंस पर पथराव कर शीशे तोड़ दिए।
मृतक के प्रति संवेदना और मृतक के परिजनों के गुस्से के बीच असहाय नजर आ रही पुलिस फोर्स और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने कई बार स्थिति ऐसी आई कि अब हालात बिगड़ने वाले हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव, ददरौल विधायक मानवेंद्र सिंह के बेटे अरविंद सिंह समझाने पहुंचे लेकिन वह लोग पुलिस के खिलाफ गुस्से का इजहार कर रहे थे। परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने बालेश्वर को इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई। इधर घंटों जाम लग जाने से हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। घंटो जाम में फंसे लोग भी पुलिस पर अलग से गुस्सा जाहिर कर रहे थे। स्थिति बिगड़ती देख पीएसी भी बुलवा ली गई। पूर्व राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा, एएसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी भी मौके पर पहुंच गए। पूर्व राज्यमंत्री ने मृतक के परिजनों को समझाने की कोशिश की लेकिन परिजनों ने उनकी बात को भी नहीं माना। इस पर पूर्व मंत्री मौके से जाने लगे, तो पुलिस ने लाठियां फटकारनी शुरू कर दीं। इसके जवाब में भीड़ ने पथराव कर दिया। पुलिस ने बाद में सख्ती दिखाते हुए लोगों को खदेड़ दिया और शव सड़क से उठाकर एंबुलेंस में रख लिया। पुलिस टीम जैसे ही एंबुलेंस लेकर आगे बढ़ी, तभी फिर से गुस्साए लोग आ गए और एंबुलेंस पर पथराव कर शव को नीचे उतार लिया और सड़क पर रख दिया।
रूट डायवर्ट कर निकाले गए वाहन, यात्री हुए परेशान
हाईवे पर चार घंटे से अधिक समय तक जाम लगने से यात्रियों की नाराजगी व मौके पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने रूट डायवर्ट कर दिया। लखनऊ और सीतापुर की ओर से आने वाले वाहनों को बरेली मोड़ से कांट-जलालाबाद होते हुए फर्रुखाबाद-कटरा रोड से बरेली रवाना किया गया, वहीं बरेली से शहर की ओर आने वाले वाहनों को कटरा से जलालाबाद-कांट होते हुए बरेली मोड़ से लखनऊ-सीतापुर की ओर रवाना किया गया।
पुलिस पर भारी पड़ती चली गई भीड़
दोपहर बाद लगभग 3:30 बजे हाइवे पर शव रखकर जाम लगाए जाने के बाद पुलिस ने मामले को हल्के में लिया, लेकिन इधर ग्रामीणों का पुलिस के प्रति आक्रोश इस कदर फैल गया कि जिसे देखो वही पुलिस के खिलाफ सड़क पर आ गया। हालांकि बवाल की आशंका को देखते हुए मौके पर कई थानों का पुलिस फोर्स व पीएसी भी बुलवाई गई लेकिन ज्यों-ज्यों समय बढ़ता गया, त्यो-त्यों लोग पुलिस पर हावी होते चले गए। नतीजा पुलिस को अंतत: लाठी चार्ज करना पड़ा लेकिन स्थिति फिर भी काबू नहीं आ पाई थी।
कैसे पीले होंगे बेटियों के हाथ
बालेश्वर के सात बच्चे हैं, जिनमें बड़ी बेटी खिलौना देवी की शादी हो चुकी है, जबकि पांच बेटियां मचला देवी, सतना देवी, साक्षी देवी, मीनाक्षी, श्वेता व एक छह वर्षीय बेटे आयुष की परवरिश कैसे होगी और चार बेटियों की शादी की समस्या सामने आ गई है।
पुलिस पर पहले भी लग चुके हैं हत्या के आरोप
-11 अगस्त 2017 को गर्रा नदी पुल के नीचे जुआरियों को पकड़ने के दौरान 35 वर्षीय तारिक खां उर्फ पप्पू की हत्या का आरोप लगा।
-19 अगस्त 2017 में मीरानपुर कटरा पुलिस ने कच्ची शराब की धरपकड़ के लिए बेहटी गांव में छापामारी की। इस दौरान 62 वर्षीय नेकपाल की हत्या का आरोप लगा।