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एटीएम से दो लाख उड़ाए, पुलिस चूकी तो युवती ने खुद ही ठग पकड़वाए

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एटीएम कार्ड पास में ही रखा रहा और युवती के खाते से ठगों ने पौने दो लाख रुपये निकाल लिए। पासबुक में एंट्री के दौरान ठगी का पता चला तो उसने पुलिस से शिकायत की। किस एटीएम से रुपये निकाले गए, इसकी जानकारी देने के लिए पत्र लिखकर पुलिस चुप बैठ गई तो युवती ने खुद ही ठगों का पता की ठानी। आखिरकार उसने ठगों के नाम और पते खोज निकाले। अब उसने ठगों को दबोचने के लिए पुलिस को फिर प्रार्थना पत्र दिया है।
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भुता थाने के ग्राम मल्लपुर निवासी असफर जहां और उसके भाई ने कारचोबी करके बहन की शादी के लिए करीब दो लाख रुपये एकत्र किए थे। ये रुपये उसने उत्तर प्रदेश ग्रामीण बड़ौदा बैंक में जमा कराए। रुपये निकालने में परेशानी न हो, इसके लिए उसे एटीएम कार्ड जारी कराया। इसके बाद वह एटीएम कार्ड से रुपये निकालती रही। कुछ समय बाद पासबुक पर एंट्री के लिए उसने अपने भाई को बैंक भेजा तो पता चला 25 जुलाई से एक अगस्त के बीच एटीएम कार्ड के जरिये किसी ने पौने दो लाख रुपये उसके खाते से निकाल लिए हैं। धोखाधड़ी की जानकारी होने पर अफसर जहां ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की। हालांकि रुपये कहां-कहां से निकाले गए, इसकी जानकारी के लिए पत्र जरूर लिख दिया।
पुलिस की चुप्पी देख युवती खुद ही ठगों का पता लगाने में जुट गई। बैंक से उसे पता चला पता चला कि स्टेशन रोड बरेली स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम से रुपये निकाले गए हैं। यहां की सीसीटीवी फुटेज देखकर अफसर जहां और उसके भाई ने ठग को पहचानने की कोशिश की। यह रुपये 26 जुलाई को निकाले गए थे। इसके बाद शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित बैंक आफ बड़ौदा के एटीएम से रुपये निकाले गए थे। दोनों वहां भी पहुंच गए और एटीएम के सीसीटीवी फुटेज देखे। वहां पता चला कि रुपये निकालने वाला ठग पास के होटल में गया था। होटल में जानकारी की तो पता चला कि ठग अपने तीन अन्य साथियों के साथ होटल में ठकरा था। चारों चालबाजों की आईडी भी होटल से मिल गई। आईडी से पता चला कि यह लोग लखनऊ के डालीगंज निवासी बिलाल, ब्रजराज और बालागंज निवासी आबिद थे। हर बार एटीएम से रुपये बिलाल ने निकाले। वहां से लौटी अफसर जहां ने चारों की आईडी पुलिस को सौंपी और उन्हें दबोचने के लिए प्रार्थना पत्र दिया।
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क्लोन बना या दूसरा कार्ड
बैंक ने नहीं दी जानकारी
अफसर जहां का कहना है कि उसका एटीएम कार्ड उसके पास है। उसने न तो किसी को कार्ड दिया और न ही पिन किसी से शेयर किया। इसके बाद भी एटीएम कार्ड के जरिये रुपये निकाल लिए गए। उसने इस बैंक अधिकारियों से जानकारी मांगी कि एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार किया गया या बैंक से दूसरा एटीएम जारी किया गया, हालांकि बैंक अफसरों ने इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है।

मोबाइल नंबर भी गलत
रुपये निकालने या जमा करने पर खाते से लिंक मोबाइल नंबर पर संदेश आते हैं। लेकिन अफसर जहां के खाते से लिंक किया गया मोबाइल नंबर भी गलत मिला। युवती का कहना है कि खाते से लिंक मोबाइल नंबर की डिजिट बदल दी गईं, इससे रुपये निकाले जाने के संदेश उस तक नहीं पहुंचे।
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मामले में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। जल्द ही पुलिस टीम भेजकर ठगों को गिरफ्तार किया जाएगा। -एमपी अशोक, सीओ फरीदपुर
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