मीरगंज (बरेली)।
गांव लभेड़ा दुर्गा प्रसाद में श्मशान भूमि के पास सूखे नाले से अंडरवियर व बनियान पहने 30 वर्षीय अज्ञात युवक की लाश बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक युवक की गला दबाकर हत्या के बाद शिनाख्त मिटाने के लिए चेहरे पर कई बार धारदार हथियार से जख्म किए गए। शिनाख्त में मुश्किल पैदा करने की मंशा से लाश के कपड़ों को उतारकर हत्यारों ने आधा किमी दूर गन्ने के खेत में फेंक दिए। सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि युवक की हत्या हुई है लेकिन कई बातें पोस्ट मार्टम रिपोर्ट से सामने आएंगी।
कस्बे से 10 किमी दूर रामगंगा खादर के मीरगंज थाना क्षेत्र के गांव लभेड़ा दुर्गा प्रसाद से एक किमी दूर सूखे नाले में गुरुवार सुबह 30 वर्षीय अज्ञात युवक की लाश देखकर किसानों ने पुलिस को सूचना दी। घटनास्थल देखने के बाद पुलिस अंदाजा लगा रही है कि युवक की हत्या कही और करने के बाद उसका शव ठिकाने लगाया गया है। खून पूरी तरह से सूखा नहीं था, इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि बुधवार रात में ही हत्या की गई है।
युवक ने मरने से पहले किया था संघर्ष
काफी देर छानबीन के लाश के कपड़े आबादी से आधा किमी दूर गन्ना के पानी लगे खेत में पड़े मिल गए। कपड़े फटे हुए थे, जिसको देखकर लग रहा है कि युवक ने मरने से पहले काफी संघर्ष किया था। पुलिस मान रही है कि पास में श्मशान में लोग बैठकर शराब पीते हैं, हो सकता है कि वहां विवाद होने के बाद हत्या की गई हो।
पैरो के निशान नहीं, दूर से फेंके कपडे़
फील्ड यूनिट की टीम भी पहुंची और सुराग तलाशने की कोशिश की। गन्ने के जिस पानी लगे खेत में मृतक के कपड़े पड़े मिले हैं वहां किसी के पैरों के निशान नहीं हैं। साफ है कि कपड़े खेत में घुसकर नहीं डाले गए, बल्कि दूर से फेंके गए होंगे। खून से सनी शर्ट मेड़ से कुछ दूरी पर और जींस-बेल्ट 20 कदम दूर पड़ी थी। पुलिस ने लाश के साथ कपड़े भी कब्जे में ले लिए हैं।
चार गांव के लोग नहीं पहचान सके
गांव में एक दिन पहले बाहर से बरात आई थी। पुलिस बरात वाले गांव में भी शिनाख्त के लिए पूछताछ कर रही है। लभेड़ा दुर्गा प्रसाद गांव के अलावा रम्पुरा, सिमरिया, मदनापुर, विलायतगंज आदि गांवों के भी सैकड़ों लोग मौके पर आ डटे लेकिन कोई भी मृतक की शिनाख्त नहीं कर पाया है। मीरगंज थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दलवीर सिंह ने भी मौका मुआयना किया।