बरेली। सेटेलाइट चौराहे पर पुलिस ने मंगलवार को 17 लाख के जाली नोटों के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। तीनों के पास 500 और 200 की गड्डियां बरामद की गईं। ऊपर और नीचे असली नोट थे। बीच में जाली नोट रखे गए थे। तीनों किसी को डिलीवरी देने जा रहे थे। पुलिस अभी तस्करों के ंनेटवर्क और नकली लोट छापने के तरीके के बारे में पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर तीनों को पकड़ा गया। उनके पास से 500 और 200 के नकली नोटों की 24-24 गड्डियां बरामद कीं। इनमें ऊपर और नीचे ही असली नोट थे। बाकी सब चिल्ड्रेन बैंक ऑफ इंडिया लिखे बच्चों के चूरन में निकलने वाले नोट थे। इनमें 500 रुपये के 24 हजार के असली और 11,76,000 के नकली नोट तो 200 रुपये के 9,600 के असली और 4,70,00 के नकली नोट थे। सब मिलाकर करीब 17 लाख की खेप बाजार में खपाई जाने वाली थी। पकड़े गए तीनों तस्करों में एक शामली का और बाकी दो मीरगंज के रहने वाले हैं।
शामली का तस्कर गैंग का सरगना
पुलिस ने बताया की शामली का तस्कर गैंग का सरगना है और करीब एक हफ्ते से पीलीभीत बाईपास स्थित गेस्ट हाउस में रुका था। करीब डेढ़ महीने से इनकी तलाश की जा रही थी। इन्हें पकड़ने के लिए पुलिस ने एक आदमी को ग्राहक बनाकर इनके पास भेजा था। सैंपल के तौर पर उनसे आठ नकली नोट भी लिए थे, जो बाजार में बिना किसी संदेह के चल गए। इसके बाद इन्हें खेप लेकर बुलाया गया और पूरे गैंग को पकड़ लिया गया। पुलिस गैंग के बाकी साथियों और तस्करों से नकली नोटों की फैक्टरी को लेकर पूछताछ कर रही है। एसपी सिटी अभिनंदन सिंह से इस बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि नकली नोट पकड़ने का जिक्र मीडिया के जरिए ही उनके संज्ञान में आया है। बारादरी पुलिस ने अगर कोई गुडवर्क किया है तो उसे सामने लाया जाएगा।