बरेली। सीबीगंज की आरके राइस मिल में भंडारित करोड़ों के धान को ठिकाने लगाने के मामले में सीबीगंज थाने में तीन एफआईआर दर्ज हैं। पुलिस की ढीली छानबीन का फायदा उठाकर माफिया बुखारा रोड पर एक गोदाम में रखे लाखों के धान को भी ठिकाने लगाने से बाज नहीं आया। इस बीच थाने से लेकर अफसरों के दफ्तरों तक पंचायत के नाम पर खेल होता रहा। अफसरों की दखलंदाजी की वजह से ही तीन महीने पहले सीबीगंज थाने में तीन एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस की छानबीन एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी। कुछ दिखावटी पर्चे कटने के बाद यह जांच जस की तस पड़ी है।
दिल्ली के कालका जी में रहने वाले राकेश सिंह ने फर्जी फर्म के नाम पर परसाखेड़ा में आरके राइस मिल का एक हिस्सा किराये पर लिया था। यहां कई जिलों के दर्जनों आढ़तियों से बासमती और सुगंधा जैसी श्रेणी का धान खरीदकर रखा गया लेकिन राकेश सिंह ने किसी भी आढ़ती को इसका भुगतान नहीं किया गया। बाजार में धान के रेट चढ़ने के साथ जब आढ़तियों ने दबाव बनाना शुरू किया लेकिन तब तक खेल हो चुका था। इसके बाद मंडी समिति की तरफ से राकेश शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। वहीं राकेश शर्मा ने कोर्ट के जरिये आढ़तियों के खिलाफ धान लूटने की रिपोर्ट लिखवा दी। दोनों ही पक्षों की तरफ से दर्ज हुए मामलों की छानबीन में पुलिस ने कुछ नहीं किया। इंस्पेक्टर जेपी यादव के मुताबिक विवेचना अभी भी चल रही है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद अभी जांच चल रही है। बुखारा रोड वाले गोदाम की हमको जानकारी थी। लेकिन यह गोदाम दूसरे सर्किल में होने की वजह से वहां रखे धान की जांच नहीं की गई। - सीमा यादव, सीओ द्वितीय