हाफिजगंज (बरेली)।
महिलाओं के बाल का कारोबार करने वाले राजाराम के साथ लूट होने के चार दिन बाद उसका शव गन्ने के खेत में यूकेलिप्टिस के पेड़ से लटकता हुआ मिला। परिवार के लोगों का आरोप है कि राजाराम ने पुलिस प्रताड़ना से परेशान होकर खुदकशी की है। वहीं एसपी देहात ख्याति गर्ग ने पूरे मामले में पुलिस भूमिका की जांच अपने हाथ में ले ली है। हालांकि उन्होंने शुरुआती जांच में पुलिस प्रताड़ना से इंकार किया। पोस्टमार्टम में खुदकशी की पुष्टि होने के बाद शव को परिवार के लोगों के हवाले कर दिया गया है।
गांव जगराजपुर के चौकीदार भगवानदास के दो बेटों में राजाराम (25) छोटा बेटा है। वह बटाई पर खेती के अलावा महिलाओं के बाल का कारोबार भी करता था। परिवार के लोगों ने बताया कि सोमवार को वह बरेली से इंवर्टर लेने के लिए गया था। बजरंग ढाबा के पास गांव के विकास पुत्र राजेंद्र से उसकी मुलाकात हुई थी। राजाराम ने राजेंद्र को इंवर्टर देकर कहा था कि रिठौरा पुलिस चौकी से फोन आया है। उसको जाना है, वह इंटर्वर को घर पर दे दें। जब देर रात वह घर नहीं पहुंचा तो खोजबीन शुरू हुई। रात करीब नौ बजे राजाराम का शव गांव के बाहर रामदास के गन्ने के खेत के किनारे यूकेलिप्टिस के पेड़ पर रस्सी से लटका मिला। घटना की सूचना परिवार के लोगों ने पुलिस को दी। एसपी देहात ख्याति गर्ग, एसपी ट्रैफिक कमलेश बहादुर, फील्ड यूनिट और डॉग स्काट मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
बदमाश रुपये और बाल का थैला भी लूट ले गए
बीती 9 जून को वह बरेली की एक्सेस बैंक से 28 हजार रूपये निकालकर बाइक से घर लौट रहा था। करीब दो बजे भुता के गांव सिघाई के पास तीन नकाबपोश बदमाशों ने उस पर पथराव कर दिया था। उसने बाइक रोकी तो बदमाशों ने उसे तमंचा के बल पर काबू में लेकर पीटा था। करीब 42 हजार रुपये मोबाइल, बांट व बाल से भरा हुआ एक थैला भी लूट लिया था। पीड़ित ने भुता थाने पर लूट की सूचना दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की।
पुलिस बनाती रही पहचान का दबाव
परिजनों के मुताबिक रविवार को पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों को पकड़ कर पहचान कराने के लिए थाने पर बुला लिया था। उसने उन्हें पहचानने से इंकार कर दिया था। आरोप है कि पुलिस ने पहचान का दबाव बनाया था। वादी ने कहा था कि अगर मेरा सामान बरामद हो जाए तो बदमाशों की तस्दीक हो सकती है। इसके बाद वह थाने से लौट आया था।
विलाप करती पत्नी हो रही थी बेसुध
राजाराम की पांच साल पहले लता से शादी होने के बाद दो बेटे अन्नू (2) व विक्रम (3) है। राजाराम बटाई पर खेती भी करता था। साथ ही महिलाओं के बाल खरीदने का कारोबार भी करता था। उसके पिता भगवानदास हाफिजगंज में चौकीदार हैं। राजाराम की खुदकशी के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। पति की मौत के बाद लता कई बार बेसुध हो गई।