बरेली। लापता होने के तीन महीने बाद मां सुशीला और बेटी पूजा का कंकाल मिलने के बाद पति अपनी खामोशी की वजह से पहला संदिग्ध बना। तीन महीने में महज एक बार गुमशुदगी दर्ज कराने की औपचारिकता करने वाले पति तेजपाल के इर्द गिर्द पुलिस की जांच घूम रही है। शराब के आदी तेजपाल की सुशीला से बनती नहीं थी, यह बात गांव के लोग भी तस्दीक करते हैं। उनका कहना है कि सुशीला शादी होने के बाद अधिकांश दिन भोजीपुरा में अपने माता-पिता के घर रहती थी। उसके वापस आने के बाद विवाद शुरू हो जाते थे। तेजपाल शराब के नशे में उसके साथ मारपीट करता था। सुशीला किन वजहों से घर से 16 अक्तूबर की सुबह निकली, यह पता लगाने के लिए सादा कपड़ों में दो दरोगा ने भोजीपुरा में रहने वाली उसकी एक मामी से पूछताछ की लेकिन पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। यह मामी सुशीला की हमराज बताई जाती हैं।
डीएनए टेस्ट के लिए लिया हड्डियों का नमूना
सीओ द्वितीय सीमा यादव ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद सुशीला और पूजा की हड्डियों को सुरक्षित रखा गया है। डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल भेजा गया है। दूसरी तरफ सुशीला और तेजपाल द्वारा इस्तेमाल होने वाले नंबरों की छानबीन की जा रही है। टेलीकॉम कंपनी से मिले डाटाबेस में संदिग्ध नंबरों की तलाश की जा रही है।
यह है पूरा मामला
बोहित गांव से तीन महीने पहले लापता हुई सुशीला देवी और उनकी 14 वर्षीय बेटी पूजा का कंकाल गन्ने के खेत से बरामद हुआ। बुधवार रात सुशीला के पिता छेदालाल ने ही पहली बार कंकाल देखने की खबर सीबीगंज पुलिस को दी, मगर अंधेरेे की वजह से ढूंढा नहीं जा सका था। बृहस्पतिवार को करीब 20 मीटर के दायरे में फैले कपड़ों, पाजेब और दो जोड़ी चप्पल से परिवार ने मां-बेटी का कंकाल होने की पुष्टि की। पुलिस शक के आधार पर मृतका के पति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं मृतका के पिता छेदालाल ने दामाद तेजपाल के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।