बरेली। पीलीभीत में नेपाली बस से टकराई कार में पांच लोगों के जिंदा जलकर मरने की खबर ने बरेली वालों के जेहन में दो साल पहले की घटना कौंध गई। तब रजऊ के पास बड़ा बाईपास पर ट्रक से भिड़ी रोडवेज बस में आग लग गई थी और 22 यात्री जिंदा जल गए थे। इनमें मासूम बच्चे भी थे।
वाकया चार जून 2017 का है। बरेली से गोंडा जा रही रोडवेज बस रात डेढ़ बजे बिथरी थाना क्षेत्र में रजऊ के पास से गुजर रही थी। तभी सामने से आ रहे एक ट्रक ने उसमें टक्कर मार दी थी। इससे बस का डीजल टैंक फट गया और उसमें आग लग गई थी। उस समय अधिकांश यात्री सो रहे थे। जब तक उन्हें आभास हुआ बस आग का गोला बन चुकी थी। बस के डोर लॉक होने से 22 यात्री जिंदा जल गए थे। कुल 12 यात्री गंभीर रूप से झुलस गए थे। वहीं सात सुरक्षित बचे थे। रात में ही दमकल और पुलिस पहुंची थी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कई मृतकों के शरीर का आधा चौथाई हिस्सा ही मिला था। सामूहिक अंतिम संस्कार के वक्त शहर वासियों की आंखें नम थीं।