पिछले तीन दिनों से जंगली हाथियों का एक झुंड पालतू हाथियों के सलूकापुर स्थित बेस कैंप के पास डेरा जमाए है। नर और मादा हाथियों के एक साथ होने पर पार्क प्रशासन ने हाथियों के कुनबे में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई है।
दुधवा नेशनल पार्क के वन्यजीव प्रतिपालक एसके अमरेश ने बताया कि जंगली हाथियों का एक झुंड दुधवा के जंगलों में भ्रमण करता हुआ सलूकापुर बेस कैंप आ पहुंचा। सलूकापुर मेें ही दुधवा के पालतू हाथी रखे जाते हैं। यह झुंड पिछले तीन दिनों से सलूकापुर बेस कैंप के पास ही डेरा डाले है। तीन दिनों में झुंड के नर हाथियों ने दुधवा की दो पालतू मादा हाथी 25 वर्षीय श्रीलोचना और चमेली के साथ मेटिंग की। हाथियों की देखभाल करने वाले महावतों ने इसकी पुष्टि करते हुए सूचना पार्क के वरिष्ठ अधिकारियों को दी है।
पालतू मादा हाथी श्रीलोचना की एक मादा बच्ची सुहेली अभी पांच वर्ष की है। जबकि चमेली का एक नर बच्चा विनायक भी अभी पांच साल का ही है। हाथियों का गर्भकाल करीब दो साल होता है। महावतों की मानें तो यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो दुधवा के हाथी परिवार में दो साल बाद कम से कम दो और नए मेहमान आ सकते हैं। अभी यह जंगली हाथी सलूकापुर बेस कैंप के पास ही मौजूद हैं। इससे और प्रजनन की संभावनाएं बनी हुई हैं। महावत इनकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
सलूकापुर बेस कैंप के पास जंगली हाथी पिछले तीन चार दिनों से डेरा डाले हैं। महावतों ने झुंड के नर हाथियों और दो पालतू हाथियों के बीच मेटिंग होने की सूचना दी है। हाथी परिवार और पार्क प्रशासन के लिए यह शुभ संकेत है। दो साल बाद खुशखबरी मिल सकती है।
- महावीर कौजलगि, उपनिदेशक, दुधवा नेशनल पार्क