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अपहरण के बाद बदमाशों के चंगुल से भाग निकला छात्र

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हार्टमैन पुल के नीचे रहने वाले पेशे से दर्जी के बारह वर्षीय बेटे का मारुति वैन में सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने मंगलवार शाम अपहरण कर लिया। लखनऊ हाईवे पर इंविर्टस यूनीवर्सिटी के पास वैन रुकी तो छात्र भाग निकला। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
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रुहेलखंड गैस एजेंसी के सामने किराये पर रहने वाले विशाल अपनी पत्नी और बेटे अतुल श्रीवास्तव (12) के साथ रहते हैं। एक निजी स्कूल में वह छठवीं का छात्र है। छात्र कोचिंग से आने के बाद प्रतिदिन चाऊमीन लेने के लिए घर से कुछ दूर स्थित दुकान पर आता था। मंगलवार शाम साढ़े पांच बजे दुकान के पास एक व्यक्ति ने उसको चाकलेट देने के बहाने बुलाया। छात्र के पास जाते ही उसको पास खड़ी एक मारुति वैन में डाल दिया। उसे पीटा गया और अंगोछे से हाथ बांधकर डिकी में डाल दिया गया। बदमाश वैन लेकर इंविर्टस यूनीवर्सिटी के पास पहुंची। यहां ड्राइवर सीट पर एक बदमाश बैठा रहा, लेकिन बाकी तीन नीचे उतर गए। इस दौरान डिकी खुली होने का फायदा उठाकर लड़का भाग निकला। इत्तेफाक से थोड़ी दूर पर उसका पुस्तैनी गांव सुंदरपुर गौटिया था। जानकारी पर ददिहाल पक्ष के लोग और ग्रामीण हाईवे पर आ गए। तब तक बदमाशों भाग गए थे। छात्र के मुताबिक एक बदमाश किसी से मोबाइल पर बात करते हुए लड़का उठाने की जानकारी दे रहा था। पूछ रहा था कि आगे क्या करना है। सीओ सिटी कुलदीप कुमार का कहना है कि छात्र के अपहरण की तहरीर आने के बाद छानबीन की जा रही है। सीसी कैमरा समेत दूसरे साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

दांतों से गांठ खोली और भाग निकला
छात्र ने बताया दांतों से अंगोछा की गांठ खोल ली। बदमाशों ने उसको डिकी में डाला तो लेकिन दरवाजा ठीक से लॉक नहीं था। उसने खोला तो बाहर के रास्ते पहचाने हुए लगे। क्योंकि उसका पुस्तैनी गांव सुंदरपुर गौटिया था। गांव में उसके दादा और चाचा मिले। जानकारी पर परिवार के लोग ग्रामीणों के साथ हाईवे पर आ गए। बिथरीचैनपुर थाने में संपर्क किए जाने पर उन्हें प्रेमनगर थाने भेजा गया। परिवार ने प्रेमनगर थाने की अशरफ खां छावनी चौकी पर तहरीर सौंपी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। छात्र के पिता का कहना है कि पुलिस उनके केस में झूठा साबित करने पर लगी है। उनके बेटे को रुपयों के लिए अगवा नहीं किया गया होगा। उनकी हैसियत ऐसी नहीं, लेकिन उन्होंने ऐसे गिरोह के शामिल होने का अंदेशा जाहिर किया जो बच्चों को बेचते हैं।
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