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दिल्ली में अपहरण का हल्ला, रामपुर बाग में गर्लफ्रेंड के साथ मिले लल्ला

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बरेली।
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हाईवे से वैन में अपहरण और छेड़छाड़ की कहानी गढ़ने वाली खुड़पेंची छात्रा का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि शनिवार को रामपुर गार्डन में मिले दिल्ली के छात्र ने अपने अपहरण की कहानी सुनाकर पुलिस को चौंका दिया। अधिकारियों तक दिल्ली के छात्र की बरामदगी का मामला पहुंचा। जल्द ही छानबीन में सामने आया कि छात्र अपनी प्रेमिका एक खुड़पेंची छात्रा के कहने पर बरेली आया है। दोनों की दोस्ती फेसबुक से हुई थी। बरेली आने के बाद मिलने के लिए रामपुर बाग आए, लेकिन पुलिस को देखकर घबराहट में अपहरण की कहानी गढ़ दी।
दिल्ली के छतरपुर में रहने वाले फल विक्रेता का सत्रह वर्षीयबेटा बारहवीं का छात्र है। उसके मुताबिक एक साल पहले फेसबुक पर बरेली के बिहारीपुर में रहने वाली एक लड़की से परिचय हुआ। वह बारहवीं की छात्रा है। मेसेज बॉक्स में चैटिंग के बाद दोनों मोबाइल पर बात करने लगे। लड़की मुस्लिम समुदाय की है। छात्र ने बताया कि कुछ दिनों उन्होंने फेसबुक पर चैटिंग ग्रुप भी बनाया, इसमें वह बातचीत करते थे। छात्रा का कहना है कि शनिवार सुबह दिल्ली के दोस्त का फोन आया कि वह बरेली में है। इसके बाद उसने किला छावनी में रहने वाले अपने एक और दोस्त को बाइक पर बुलाया। दोनों रामपुर गार्डन में पहुंचे। जहां तीनों एक पार्क में बैठे हुए थे, जब यूपी 100 पुलिस लड़के-लड़कियों के पार्क में मौजूदगी की शिकायत के बाद शनिवार 5:30 बजे तीनों को पकड़कर कोतवाली लेकर आई।
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दो हजार का नोट दिखाया फिर मुझे कुछ याद नहीं
पुलिस ने जब दिल्ली के छात्र से उसकी बरेली में मौजूदगी की वजह पूछी तो उसने अपने अपहरण की कहानी सुनाई। छात्र के मुताबिक शुक्रवार 3:30 बजे वह स्कूल के बाद पापा की मेहरुलगंज में लगने वाली दुकान पर पहुंचा। वहां से घर जाने के लिए एक वैन में बैठा था। छात्र के मुताबिक सामने की सीट पर बैठे एक व्यक्ति ने उसको दो हजार रुपये का नोट दिया और कहा कि देखो कहीं ये नकली तो नहीं। नोट हाथ में लेने के बाद उसे होश नहीं रहा। शुक्रवार रात 11:45 बजे होश आया तो खुद को सड़क पर पड़ा पाया। उसकी पॉकेट में मोबाइल और पर्स सलामत था। पर्स में 320 रुपये थे। उसने मोबाइल पर अपने पिता को बताया कि उसे अगवा किया गया है, वह बरेली के पास किसी जगह पर है। इसके बाद उसके पिता ने दिल्ली पुलिस को बेटे के अगवा होने की खबर दी। छात्र के मुताबिक वह पैदल हाईवे की तरफ चल दिया। उसको एक आदमी मिला, जो उसे अपने घर लेकर गया। खाना खिलाकर अपने घर में सुलाया। सुबह उसने अपनी फेसबुक दोस्त को फोन किया और मिलने गया था, जब पुलिस ने उसको पकड़ लिया।

प्रेमिका बोली, दोस्त का फोन आया था इसलिए गई
बिहारीपुर ढाल पर रहने वाली प्रेमिका ने बताया कि वह बारहवीं में पढ़ती है। उसके पिता राजमिस्त्री हैं। फेसबुक पर उसकी छात्र से दोस्ती हुई थी। कई दिनों से मिलने का प्रोग्राम बना रहे थे, वह छात्र को बरेली आने के लिए कह रही थी। इसके बाद अचानक शनिवार सुबह उसके दोस्त का फोन आया कि वह बरेली में है। वह अपने एक दोस्त की बाइक पर रामपुर बाग में पहुंची थी, वहां बैठकर दोनों बातचीत कर रहे थे, लेकिन जब पुलिस आई तो घबराहट में अपहरण की कहानी सुनानी पड़ी।

अपहरण की कहानी गढ़ने वाले की जेब में मिला ट्रेन का टिकट
लड़के की अपहरण की कहानी के बाद पुलिस ने उसके पर्स को देखा तो उसमें ट्रेन का टिकट मिला। यह टिकट आनंद विहार से बरेली का था। जिसके बाद पुलिस के सामने लड़के के बयानों की असलियत खुलकर सामने आ गई। कोतवाली इंस्पेक्टर गीतेश कपिल ने बताया कि दिल्ली से छात्र के परिवार को बुलाया गया। उन्हें हिदायत दी गई है। लिखा पढ़त में छात्र और छात्रा के परिवारों को उन्हें सौंपा गया है।

केंद्रीय मंत्री है मेरे बाबा
किला छावनी के रहने वाले छात्र को जब कोतवाली लाया गया तो उसने पुलिस पर रौब गांठने के लिए कहा कि उसके बाबा केंद्रीय मंत्री है। इसके बाद उसका पूरा नाम पूछा गया। गंगवार जाति का यह छात्र ट्यूलिया गांव का है। बाद में पुलिस ने उसके परिवार को भी बुलाया तो परिवार थाने में ही उसे डांटने लगा। पुलिस ने परिवार को शांत कराया और सुपुर्द कर दिया।
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छात्रा ने स्कूल जाना किया बंद
उधर, सुभाषनगर की रहने वाली खुड़पेंची छात्रा अपहरण की कहानी गढ़ने के बाद से स्कूल नहीं जा रही है। उसने खुद को घर में कैद कर लिया है। पुलिस ने सुरक्षा जरूर हटा ली है, लेकिन अभी निगरानी रखी जा रही है। दरअसल, पुलिस को आशंका है कि कहीं परिवार वाले छात्रा को नुकसान न पहुंचा दें। अब सोमवार को छात्रा के कोर्ट में बयान कराए जाने हैं। इसके बाद पुलिस रिपोर्ट को एक्सपंज करेगी।
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