भोजीपुरा। ‘अमर उजाला’ में खबर छपने के बाद प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और भाजपा अध्यक्ष के बारे में अमर्यादित एडिट फोटो पुलिस के व्हाट्सएप ग्रुप पर डालने वाले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। अब पुलिस जांच के नाम पर गिरफ्तारी टाल रही है।
भोजीपुरा थाने के ग्रुप पर बुधवार को ग्रुप के सदस्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की आपत्तिजनक फोटो डालकर गलत टिप्पणी की गई थी। रफी अहमद नाम के इस शख्स के खिलाफ जब पुलिस ने कोई कमेंट नहीं किया तो हिंदूवादी संगठनों ने आपत्ति जताई है। ग्रुप पर ही तीखे विरोध के बाद एडमिन ने रफी अहमद को ग्रुप से रिमूव कर दिया। बाद में सीओ नवाबगंज ने इंस्पेक्टर को कार्रवाई के आदेश दिए। गुरुवार को एडमिन की ओर से रफी अहमद के खिलाफ आईटी एक्ट की रिपोर्ट करा दी गई। हालांकि रफी अहमद कौन है, कहां का निवासी है और क्या करता है? यह जानने की पुलिस ने जरूरत नहीं समझी। पुलिस ग्रुप में उसे किसने जोड़ा? यह सवाल भी अनसुलझा है। यहां बता दें कि थाना पुलिस के ग्रुप में खानापूरी करने के लिहाज से खुराफातियों को जोड़ लिया गया है। ये आए दिन कोई न कोई भड़काऊ पोस्ट डालते ही रहते हैं। सात अप्रैल को प्रधानमंत्री के खिलाफ एक भड़काऊ पोस्ट इसी ग्रुप पर डाली गई थी। मामले में बजरंग दल के नेता भरत पटेल ने आरोपी के खिलाफ तहरीर दी लेकिन पुलिस ने उसे सत्तर साल का बुजुर्ग और इसे बच्चों की हरकत बताकर मामला निपटा दिया था। कार्रवाई के नाम पर आरोपी को ग्रुप से निकाल दिया गया था। इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी।