बरेली। बच्चा चोरी का अभ्यस्त शातिर विजय जेल से छूटने के बाद दोबारा सक्रिय हो गया है। रविवार शाम उसने जगतपुर से दस साल की बच्ची को उठा ले जाने की कोशिश की। बच्ची ने शोर मचाया तो लोगों ने उसे पकड़ लिया और पीटने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। बच्ची को लेकर उसके परिजन थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट कराई।
जगतपुर की पेठे वाली गली में रविवार शाम बच्चे खेल रहे थे। तभी नशे में धुत एक युवक यहां पहुंचा और कक्षा तीन में पढ़ने वाली 10 वर्षीय पायल का हाथ पकड़कर ले जाने लगा। बच्ची ने शोर मचाया तो पड़ोसी बुजुर्ग हरिशंकर दौड़े। इस पर विजय बच्ची को छोड़कर भागने लगा लेकिन मोहल्लेवालों ने उसे पकड़ लिया और जमकर पीटा। पूछताछ में सामने आया कि वह वाल्मीकि बस्ती का विजय है जो बच्चा चोरी के लिए कुख्यात रहा है। बच्ची को लेकर उसके पिता मोहित पहले जगतपुर चौकी और फिर थाना बारादरी थाने पहुंचे। बच्ची ने बताया कि खेलते वक्त अचानक वह पीछे से आया और उसका हाथ पकड़कर जबरन ले जाने लगा। लोगों ने बताया कि दो दिन से विजय बच्चा चुराने की फिराक में वहां चक्कर काट रहा था। शाम चार बजे भी बच्चों के पास घूमता नजर आया था। इसके बाद चौक में रहने वाले जगदीश के घर में घुस गया था। घरवालों ने देखा तो झाड़ू उठाकर वहां से भाग निकला।
चार बच्चों को अगवा कर ले गया था विजय
नाले में फेंककर भागा था, कभी नशेड़ी तो कभी पागल होने का करता है ढोंग
बरेली। विजय की ये हरकत नई नहीं है। वह इससे पहले भी बच्चा चोरी के मामले में पकड़ा जा चुका है। नशेड़ी तो वो है ही, अक्सर पागल होने का ढोंग भी करता है। एक साथ चार बच्चों को चोरी करने वाला विजय इसी मामले में जेल जा चुका है।
फरवरी 2018 में लापता हुए चार बच्चों को ले जाने में भी विजय का नाम आया। विजय ने एजाजनगर गौंटिया के जरी कारोबारी सईद के बच्चे जोया (4) और फैज (3), सईद के भाई रफीक का बेटा जैनब (4) और हजियापुर निवासी रिक्शा चालक वसीम की बेटी निशा (3) को टॉफी एवं रुपये के बहाने से ले जाकर अगवा कर लिया। घटना के तत्काल बाद ही बच्चों के परिजनों ने उन्हें तलाशना शुरू कर दिया। पुलिस से भी मदद मांगी। पुलिस ने इलाके में घेराबंदी की तो विजय बच्चों को चक महमूद में एक नाले में फेंककर भाग निकला था। बच्चों से ही उसका हुलिया पूछकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने मामले में चार्जशीट लगाकर विजय को जेल भेजा। तब उसने कोर्ट में खुद के नशे में होने और मानसिक संतुलन सही न होने का ढोंग किया। इसके चलते कुछ महीने बाद ही उसे जमानत मिल गई।
भिखारी गैंग से तो नाता नहीं
विजय को लेकर मोहल्ले वालों में कई तरह की चर्चाएं हैं। कोई कह रहा था कि वह बच्चों को भिखारी गैंग को सौंपने के लिए अगवा करता है तो किसी का कहना है कि शायद वह दुष्कर्म के बाद बच्चों को मार डालता। हालांकि अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है जिसमें विजय की वजह से अगवा बच्चा न मिला हो।
नशेड़ी समझकर भगा देती है पुलिस
लोगों ने बताया कि विजय अक्सर बच्चों के आसपास मंडराता नजर आया था। तब उन्होंने उसे पकड़कर पुलिस को सौंपा। वहां उसके नशे में होने के चलते पुलिस उनकी बात को गंभीरता से नहीं लेती और उसे मारपीट कर छोड़ देती है। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
लगातार एक ही व्यक्ति पर बच्चा चोरी का आरोप लग रहा है तो गंभीर मामला है। फिलहाल पुलिस ने तहरीर के मुताबिक विजय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। उसके पुराने मामले भी दिखवाएंगे। पुलिस गंभीर धारा में चार्जशीट लगाकर उसे जेल भेजेगी। - अभिनंदन सिंह, एसपी सिटी