फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करोड़ों की हेराफेरी करने वालों की सारी दलीलें खारिज

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। बोगस कंपनियां और फर्में बनाकर कागजों पर करोड़ों का टर्नओवर करने वाले तीनों कारोबारियों पर कानूनी शिकंजा सख्त होता जा रहा है। उनके परिजनों ने लखनऊ स्थित न्यायालय में जमानत कराने के प्रयास किए जो सफल नहीं हो पाए। अब सोमवार को फिर कोशिश होगी। बताया जाता है कि दिवाली बाद ही उनकी रिहाई संभव है। इस बीच कागजी कारोबार करने वाले अन्य व्यापारियों में हडकंप मचा है। किसी भी संभावित कार्रवाई से बचने के लिए उन्होंने कारोबारी दस्तावेज और कंप्यूृटर में दर्ज रिकॉर्ड समेटना शुरू कर दिए हैं। इससे कोई छापा पड़ने पर साक्ष्य न मिल पाएं। उनसे जुड़े व्यापारियों को डर सता रहा है कि कहीं यह तीनों कारोबारी उनका नाम न उगल दें।
विज्ञापन

मंगलवार सुबह अचानक केंद्रीय वस्तु और सेवाकर (सीजीएसटी) इंटेलीजेंस टीम ने बरेली स्थित सनसिटी, रामपुर बाग और महानगर कॉलोनी के अलावा शाहजहांपुर में तीन राइस मिलों और कासगंज के सहावर स्थित कारोबारी ठिकानों पर एक साथ छापामार कार्रवाई की थी। लखनऊ से आई टीम ने रामपुर बाग से जयदीप अग्रवाल, सनसिटी विस्तार से सुनील और रचिन गुप्ता को उठा लिया। लखनऊ पहुंचकर टीम ने इनको कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। सीजीएसटी टीम कारोबारियों से लगातार जानकारी उगलवाने की कोशिश कर रही है। एडीजी राजेंद्र सिंह ने ऐसा ताना बाना बुना है जिससे कई और ‘मछलियां’ शीघ्र जाल में फंसेंगी। सीजीएसटी टीम ने बुधवार और गुरुवार को श्यामगंज, फरीदपुर मार्ग समेत कुछ स्थानों पर फैक्ट्रियों में भी चेकिंग की थी।

सोमवार को होगी जमानत कराने की कोशिश
तीनों व्यापारियों को उनके संबंधी और शुभचिंतक कानूनी भंवर से निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए सीए और कानूनविदों से संपर्क किया गया है, लेकिन अभी तक कोई राहत नहीं मिल सकी है। बताया जाता है कि सोमवार को कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी देंगे।
विज्ञापन


सीए पर कसेगा शिकंजा
पिछले दिनों छापमारी के दौरान रामपुर बाग स्थित एक सीए की फर्म काफी चर्चा में रही। बताया जाता है कि यह फर्म कागजी कारोबार करने वाले तीनों व्यापारियों का भी काम देखती है। छापा के दौरान सीए फर्म के कंप्यूटर से कुछ ऐसे दस्तावेज मिले थे, जिससे सीजीएसटी तक मामला पहुुंचा और उसे इंटेलीजेंस टीम ने धर दबोचा। जांच में करोड़ों रुपयों की टैक्स चोरी, हेराफेरी का मामला दर्ज किया।

छिपे ‘नीरव मोदी’
कारोबार जगत में तीनों व्यापारियों को ‘नीरव मोदी’ बताया जाता था। रातोंरात अरबपति बनने वाले यह तीनों कारोबारी फर्जी फर्मों से लेनदेन करने के साथ ही कुछ औद्योगिक इकाइयां भी चलाते थे। पटेल चौक स्थित नामचीन गारमेंट शोरूम जगदीप अग्रवाल संचालित करते हैं। अग्रवाल के शोरूम सिविल लाइंस समेत आगरा और मेरठ में भी बताए गए हैं, जबकि गुप्ता व्यापारी फर्जी चीनी कारोबार के साथ प्लाईवुड फैक्ट्री भी चलाते हैं, इसलिए सीजीएसटी टीम भोजीपुरा, सीबीगंज और फरीदपुर मार्ग पर इनके ठिकानों की तलाश कर रही है। इन कारोबारियों से जुड़े लोगों की लंबी चेन है। कई व्यापारी इनके साथ चीनी का फर्जी कारोबार करते रहे हैं। साथ ही, शाहजहांपुर स्थित राइस मिलों में भी फर्जी उत्पादन और सप्लाई की जानकारी मिली है। नोटबंदी में भी इनके बड़े पैमाने पर बैंकों में धनराशि जमा करने के साथ ही फर्जी फर्मों में करोड़ों की धनराशि जमा करने की शिकायत इंटेलीजेंस टीम को मिली है।

बैंकों से रिकॉर्ड होगा तलब
करोड़ों का फर्जी टर्न ओवर करने वाले तीनों व्यापारियों ने विभिन्न बैंकों से 500 करोड़ रुपये से अधिक का कर्जा भी ले रखा है। सीजीएसटी इंटेलीजेंस टीम इन बैंकों को सूचीबद्ध कर रहा है। जल्द ही, चिह्नित बैंकों से इनके कारोबार, लोन, सीसी लिमिट आदि के रिकॉर्ड तलब किए जाएंगे।

छापा की भनक लग गई थी
सूत्रों के मुताबिक कागजी कारोबार करने वालों को छापा की खबर एक दिन पहले लग गई थी। सूत्रों ने बताया कि सुनील और रचिन गुप्ता ने सनसिटी विस्तार कॉलोनी में काफी पेपर जलाए थे। आग की लपट निकलने पर लोगों को लगा कि शायद दिवाली का कूड़ा कचरा जला रहे हैं लेकिन छापा के बाद पता लगा कि उन्होंने महत्वपूर्ण कागजात जलाए थे। जिसकी जानकारी इंटेलीजेंस को लगी है जिसकी छानबीन में जुट गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें