बांके की छावनी में एक बुजुर्ग महिला की सरेआम तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोली मारने के बाद आरोपी युवक तमंचा लहराते हुए फरार हो गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच पड़ताल के मुताबिक बुजुर्ग महिला के परिवार ने नगर निगम के चुनाव में हारे हुए पार्षद को सपोर्ट किया था जबकि हत्यारोपी अजय का प्रत्याशी चुनाव में जीत गया था। चुनाव के दौरान शुरू हुई इसी रंजिश में दोनों परिवारों के बीच कई बार झगड़े हो चुके थे। हत्या के बाद अजय, उसके भाई विजय, दयाराम और भारत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। देर रात पुलिस ने भारत को गिरफ्तार कर लिया।
चुनाव की रंजिश में जान गंवाने वाली 65 वर्षीय ओमवती बांके की छावनी में शिव मंदिर के पास रहती थीं। शनिवार दोपहर वह अपने घर के बाहर बैठी थी। उनके घर से 20 कदम की दूरी पर अजय का घर है। मोहल्ले वालों के मुताबिक अजय का किसी अन्य युवक से गली में झगड़ा हुआ तो वह गालीगलौज करने लगा। ओमवती ने इसका विरोध किया तो वह उनसे उलझ गया। नोकझोंक के बीच अजय धमकी देता भागकर अपने घर गया, चंद मिनटों बाद लौटा तो उसके हाथ में तमंचा था। उसने ओमवती पर गोली चला दी। सिर पर गोली लगने से ओमवती लहूलुहान होकर गिर पड़ीं जिसके बाद अजय तमंचा लहराता हुआ बाइक पर भाग निकला। परिवार के लोग ओमवती को जिला अस्पताल ले गए जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
चुनाव के दौरान भी हुए थे झगड़े
ओमवती के परिवार में उनके बेटे राजू, रमेश, संजय है। दो बेटियाें पुष्पा और मालती की शादी हो चुकी है। मालती ने बताया कि चुनाव बाद से अजय रंजिश मानने लगा था। इसी रंजिश में उसने ओमवती की हत्या की है। वार्ड के पार्षद गौरव सक्सेना के मुताबिक अजय सहित कई समाज के लोगों का उनको समर्थन है। दोनों परिवारों के बीच चुनाव के दौरान भी झगड़े हुए थे।
खून का बदला खून से लेंगे
ओमवती की मौत के बाद उनकी बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल था। दोनों बेटियों ने एलानिया धमकी दी कि उनकी मां के खून का बदला खून से लिया जाएगा। पुलिस ने अगर लापरवाही की तो वे डीजीपी मुख्यालय तक जाएंगी। पीड़ित परिवार ने अजय के खिलाफ थाना प्रेमनगर थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस अजय के घर पहुंची तो वहां सिर्फ उसके बीमार पिता भगवान दास मिले, बाकी परिवार फरार था। सरेआम बुजुर्ग महिला की हत्या से मोहल्ले के लोग भी दहशत में नजर आए।
बांके की छावनी में हत्या के बाद अजय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उसकी तलाश में पुलिस टीमों को लगा दिया गया है। उसे जल्द पकड़ लिया जाएगा। - कुलदीप कुमार, सीओ प्रथम
बांके की छावनी में किसान और भुर्जी समाज के लोगों में लंबे समय से झगड़ा चला आ रहा है। कई मामले प्रेमनगर थाने में दर्ज हो चुके हैं। इस हत्या को सिर्फ चुनाव की रंजिश से जोड़कर देखना सही नहीं है। - गौरव सक्सेना, सभासद