बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद डॉली के घरवालों ने चौकी चौराहा पर लाश रखकर जाम लगाने की कोशिश की। उनका आरोप था कि पुलिस सीधे-सीधे हत्या के इस मामले को खुदकुशी में उलझाकर कार्रवाई करने से बच रही है। बैंक कैशियर पीयूष के सुरेश शर्मा नगर के उपहार अपार्टमेंट स्थित घर में काम करने वाली डॉली की मंगलवार को आग से जलकर मौत हो गई थी। इस मामले में दर्ज हत्या की एफआईआर में पुलिस ने प्रेमी अपूर्व का नाम खोल दिया है। बुधवार को पुलिस ने अपूर्व को जेल भेज दिया। उसके पिता बैंक कैशियर पीयूष चौधरी को पुलिस ने जेल नहीं भेजा। दरअसल, पुलिस को घटना के वक्त उनकी बड़ा बाजार स्थित बैंक में मौजूद होने के प्रमाण मिले हैं।
जोगी नवादा निवासी डॉली के परिवार ने पीयूष के खिलाफ तहरीर सौंपकर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने पीयूष और उनके बेटे अपूर्व को हिरासत में लिया था। लेकिन जब डॉली के मोबाइल की कॉल डिटेल जांची गई तो एक संदिग्ध नंबर से वारदात वाले दिन से दो दिन पहले तक बातचीत सामने आई। पुलिस ने नंबर जांचा तो यह अपूर्व का सामने आया। अपूर्व के मोबाइल में डॉली के साथ हुई बातचीत के कई प्रमाण मिले। आई लव यू और आई मिस यू जैसे कई मेसेज भी सामने आए।
बुधवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद परिवार वाले डॉली की लाश लेकर चौकी चौराहा पहुंच गए और वहां लाश को रखकर सड़क जाम करने की कोशिश की। उनका आरोप था कि पुलिस मामले में ठीक से कार्रवाई नहीं कर रही है। सूचना मिलने पर पहुंचे एसपी सिटी अभिनंदन, सीओ तृतीय नीति द्विवेदी, कोतवाली इंस्पेक्टर गीतेश कपिल ने परिवार वालों को समझाया कि एफआईआर में अपूर्व का नाम खोल दिया गया है और उसे जेल भी भेज दिया है। पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। इसके बाद पुलिस ने ही लाश को चौराहे से हटवाकर घर पहुंचवाया। शाम को परिवार वालों ने डॉली का अंतिम संस्कार कर दिया।
अपूर्व ने ही सिखाया था आई लव यू लिखना
पुलिस के सामने सवाल उठा कि जब डॉली अनपढ़ थी तो उसने अंग्रेजी में मेसेज कैसे टाइप किया। इसका जेल जाने से पहले अपूर्व ने ही जवाब दिया। बोला- डॉली पहले मेसेज में दिल की आकृति बनाकर भेजती थी। इसके बाद उसने ही डॉली को आई लव यू टाइप करना सिखाया था। पुलिस जांच में पहले ही सामने आ चुका है कि किच्छा में अपनी शादी तय होने के बाद से डॉली परेशान थी और अपूर्व पर शादी के लिए दबाव बना रही थी।
हमारे पास अपूर्व के खिलाफ प्रेम संबंधों के पर्याप्त साक्ष्य हैं। घटना के वक्त वह घर पर ही मौजूद था। लिहाजा हत्या की धारा बरकरार रहेगी। अपूर्व के पिता पीयूष चूंकि घटना के वक्त बैंक में थे लिहाजा उन्हें जेल नहीं भेजा गया है। - नीति द्विवेदी, सीओ तृतीय