अभी सवा साल ही हुए थे आंगन में बेटी की किलकारी गूंजने के। इस खुशी के साथ ही भाई के रक्षाबंधन पर राखी बंधवाने समेत परिवार ने बिटिया से भारी सपने संजोए थे, लेकिन इन सपनों पर बुधवार को उस समय ग्रहण लग गया, तब मासूम लड़की की पानी से भरी बाल्टी में सिर के बल गिरने से मौत हो गई। वैसे तो मासूम लड़की की मौत से परिवार में मातम छाया है, इसके साथ सबसे ज्यादा अफसोस सबको अगले माह रक्षाबंधन पर भाई की कलाई सूनी होने का है।
सुभाषनगर क्षेत्र के नेकपुर गल्ला मंडी निवासी विमल भारद्वाज मेडिकल स्टोर स्वामी हैं। उनका पांच साल का बेटा सत्यम भारद्वाज नेकपुर में ही स्थित वाई डाल पब्लिक स्कूल में केजी में पढ़ता है। पत्नी दीक्षा गृहणी हैं, उनकी साथ सवा साल की बेटी प्रियल भारद्वाज थी। पिछले साल मार्च में प्रियल का जन्म हुआ तो परिवार में खुशियों का माहौल छा गया। भाई सत्यम के हाथ पर रक्षाबंधन पर राखी भी सजी। इस बार भी भाई को रक्षाबंधन पर बहन के दुलार का इंतजार था, लेकिन इससे पहले ही बुधवार दोपहर के समय प्रियल की घर में पानी से भरी बाल्टी में सिर के बल गिरने से मौत हो गई। दरअसल दोपहर साढ़े बारह बजे सत्यम के स्कूल की छुट्टी का समय मां दीक्षा उसे लेने के लिए घर का दरवाजा बाहर से बंद करके चली गई। वह प्रियल को घर के कमरे में सोता छोड़ गई थीं। मां के जाने के बाद प्रियल सोकर उठी और दरवाजे की तरफ आई। यहां नल के पास रखी पानी से भरी बाल्टी में वह सिर के बल गिर गई और उसकी सांसे थम गईं। बेटे को स्कूल से लेकर लौटीं दीक्षा ने दरवाजा खोलकर जब प्रियल को बाल्टी में सिर के बल देखा तो उनकी चीख निकल गई। फोन करने पर विमल भी घर पहुंच गए और प्रियल को निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद परिवार में मातम छा गया। प्रियल का सिटी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। विमल ने बताया कि प्रियल उनकी बेहद प्यारी बेटी थी। कम उम्र होने के बाद भी वह घर आंगन में घूमती रहती थी तो सभी का दिल बहाल रहता था।