नवाबगंज। बरेली से ससुराल में रखवाली के लिहाज से आए एक अधिवक्ता शार्टसर्किट से कमरे में लगी आग में झुलस गए। सुबह सलहज ने धुआं उठता देख उन्हें बाहर निकलवाकर सीएचसी में भर्ती कराया पर बरेली रेफर करने के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। परिवार को किसी साजिश का अंदेशा था पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह धुएं से दम घुटना आई तो खामोश हो गए।
बरेली के थाना सुभाषनगर की विश्वनाथ कॉलोनी निवासी अमित कुमार शर्मा (38) अधिवक्ता होने के साथ ही प्रापर्टी डीलिंग का काम करते थे। उनकी पत्नी कंचन शर्मा अपने बेटे रुद्राक्ष और बेटी पलाक्षी के साथ भाभी रश्मि शर्मा के पास नगर के मोहल्ला गांधी टोला आई हुईं थीं। मंगलवार सुबह कंचन शर्मा अपनी छोटी ननद ममता शर्मा के साथ उत्तराखंड के जागेश्वर धाम चली गईं। घर पर रश्मि और उनका सात वर्षीय बेटा ही थे। बताते हैं कि नगर में हो रही चोरियों के डर से उन्होंने अपने ननदोई अमित शर्मा को रात को ठहरने के लिए बुला लिया। रश्मि बाहर बरामदे में सो रहीं थीं। अमित उनके बेडरूम में सो गए। रश्मि के मुताबिक बुधवार सुबह अचानक मकान में शार्ट सर्किट से कूलर में आग लग गई। आग की लपटें बेड तक पहुंचीं और बिस्तर ने आग पकड़ ली। कमरे में आग लगी देख अमित शर्मा ने बाहर निकलने की कोशिश की होगी पर कमरे के गेट पर लगे कूलर से निकलती आग की चपेट में आ गए। इससे वह गंभीर रूप से झुलस गए। घर में आग और धुआं देख रश्मि की आंख खुल गई। शोर मचाने पर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया। वहां हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने बरेली रेफर कर दिया। रास्ते में उनकी मौत हो गई। सूचना पर पुलिस पहुंच गई और शव पोस्टमार्टम को भेज दिया। इसमें शरीर झुलसा हुआ मिला पर मौत की वजह दम घुटना आई।
पहले दूसरे ननदोई ने की थी आत्महत्या
- रश्मि शर्मा की छोटी ननद ममता शर्मा का विवाह बरेली के कोहाड़ापीर निवासी रितेश के साथ हुआ था। एक मुकदमे से तंग आकर एक अप्रैल 2019 को रितेश ने खुदकुशी कर ली। अब रश्मि के दूसरे ननदोई अमित की मौत ने उन्हें हिलाकर रख दिया है।