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डेढ़ साल बाद भी नहीं खुला बालक अयान की हत्या का राज

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बरेली। पुराना शहर के बालक अयान के अपहरण और हत्या का राज वारदात के डेढ़ साल बाद भी नहीं खुला। पुलिस ने अपहरण और हत्या करने के आरोप में बच्चे के चाचा समेत दो लोगों को जेल भेजा था। जबकि परिजन हत्या का आरोप एक व्यापारी पर लगा रहे हैं। एसपी सिटी ने तीनों आरोपियों का नारकोटेस्ट कराने के लिए लखनऊ प्रयोगशाला को पत्र लिखा है।
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पुराना शहर जगतपुर मोहनतालाब मोहल्ला निवासी रईस मियां के 10 वर्षीय बेटे अयान का 17 दिसंबर 2017 की शाम अपहरण कर लिया गया था। अगले दिन बच्चे के चाचा मोहम्मद अनवर के पास 10 लाख की फिरौती का पत्र पहुंचा था। उसी शाम पीलीभीत बाईपास रोड डोहरा मोड़ पर अयान की लाश मिली थी। पुलिस ने मोहम्मद अयान की हत्या के आरोप में उसके चाचा इरफान और निहाल को जेल भेजा था, जो जमानत पर हैं। परिजनों का आरोप है कि अयान की हत्या एक कारोबारी ने की थी, जिससे उनकी रंजिश चल रही है। पुलिस ने साठगांठ करके आरोपी कारोबारी को बचा दिया। 14 मार्च 18 को इरफान और निहाल के खिलाफ चार्जशीट लगा दी थी। उनके शिकायत करने पर एसएसपी ने विवेचक बदलकर जांच दोबारा शुरू करा दी। अब इसकी तफ्तीश सुभाषनगर इंस्पेक्टर गिरीश जोशी कर रहे हैं।
सच्चाई सामने लाने के लिए एसपी सिटी अभिनंदन सिंह ने बच्चे के चाचा इरफान, निहाल और आरोपी कारोबारी का नारको टेस्ट कराने का निर्णय लिया। दस दिन पहले एसपी सिटी की ओर से नारकोटेस्ट कराने के लिए लखनऊ फोरेंसिक लैब को पत्र भेज दिया गया। जल्द ही तारीख तय होने की उम्मीद है। इसके बाद ही अयान के असली हत्यारों का पता चल सकेगा।
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नारकोटेस्ट कराने को पत्र भेजा गया है। जल्द ही तारीख तय होने की उम्मीद है। इस मामले में और कोई तरीका नहीं बचा था। नारकोटेस्ट रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
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- अभिनंदन सिंह, एसपी सिटी
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