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पैदल घूमने से काम नहीं चलेगा साहब, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारिए

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बरेली। पिछले दो दिन पुलिस के आला अधिकारियों ने सड़कों पर पैदल मार्च किया। मगर ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार कुछ भी नहीं हुआ। जिन स्थानों पर ट्रैफिक और थाना पुलिस हर समय रहती है वहां भी दिन में कई बार जाम लगता है। वजह यह कि सड़क पर ठेले और टेंपो व ई-रिक्शा वाले बेतरतीब खड़े रहते हैं।
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समय शनिवार दोपहर एक बजे, स्थान जिला अस्पताल रोड
गुरुवार को नगर निगम की टीम ने जिला अस्पताल रोड फुटपाथ पर अवैध तरीके से लगी दुकानों को हटवा दिया था। शुक्रवार को हालात कुछ ठीक रहे थे। शनिवार को जिला अस्पताल रोड पर दुकानें तो नहीं लगीं, लेकिन ई-रिक्शा वालों ने अपना अड्डा जमा लिया। इंद्रा मार्केट से लेकर जिला अस्पताल गेट के सामने तक ई-रिक्शा वाले बेतरतीब तरीके से खड़े थे। चूंकि इस रोड पर जिला अस्पताल जाने आने वाले वाहन गुजरते हैं, जिससे शनिवार को दिन में कई बार जाम की स्थिति बनी। वहीं जिला अस्पताल गेट से कुतुबखाना की ओर दुकानों के आगे सड़क पर फड़ और ठेला लगे रहते हैं, जिससे दुपहिया वाहन निकलना तक मुश्किल हो जाता है।
समय दोपहर दो बजे, स्थान सैटेलाइट बस स्टैंड के सामने
सैटेलाइट बस स्टैंड के सामने अस्थाई पुलिस चौकी है। वहीं चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस वाले सुबह से देर शाम तक वाहन रोककर कागज चेक करते दिखते हैं। यहां चौराहे से लेकर सीएनजी पंप के सामने तक बीच सड़क पर ठेला दुकानदारों का कब्जा रहता है। उनके आगे आटो, टेंपो और ई-रिक्शा बेतरतीब तरीके से खड़े रहते हैं। इससे कोई बड़ा वाहन निकलने पर जाम लग लग जाता है। रोजाना की तरह शनिवार को भी यही नजारा था। चौकी के सामने टेंपो और ई-रिक्श वाले जाम लगाए खड़े थे। सैटेलाइट बस स्टैंड के सामने से सीएनजी पंप के आगे तक बीच रोड पर फल ठेला वाले खड़े थे। चौराहे के पूरब में आधे से ज्यादा रोड आटो, ई-रिक्श और फरीदपुर को जाने वाले डग्गामार वाहन खड़े थे। चौकी पुलिस और ट्रैफिक सिपाही अपने काम में व्यस्त थे।
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इंस्पेक्टर राजा सिंह को याद करते हैं लोग
कोतवाली प्रभारी रहे इंस्पेक्टर राजा सिंह के कार्यकाल में सड़कें अतिक्रमण मुक्त रहीं। वह टीम के साथ खुद भ्रमण करके सड़के खाली कराते थे। हालात यह थे कि जीप का साइरन सुनकर ही दुकानदार दुकानों के आगे का सामान समेटने लगते थे। उनके कार्यकाल में कुतुबखाना मंडी के अंदर से होकर चार पहिया गाड़ी निकल जाती थी। आज सड़कों पर अतिक्रमण और जाम देखकर लोगों को इंस्पेक्टर राजा सिंह को याद करने लगते हैं।
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