बरेली। मॉडल टाउन और डीडीपुरम में पिछले दिनों हुई लूट की वारदातों जैसी घटनाएं अब फिर शुरू हो गई हैं। मंगलवार को प्रेमनगर थाना क्षेत्र में कुदेशिया फाटक के पास रेलवे कॉलोनी के रास्ते में मोबाइल लूटने का विरोध करने पर एक मोबाइल व्यवसायी को चाकू मार दिया गया। आरोपी बाइक पर फर्राटा भरते भाग निकले। घायल की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने उसका मेडिकल कराया है।
किला थानांतर्गत छोटी बमनपुरी निवासी तौकीर अली पहले बटलर प्लाजा में मोबाइल शोरूम चलाते थे। पांच साल पहले बड़ी चोरी के बाद शोरूम बंद हो गया। अब वह घर से ही यह व्यवसाय करते हैं। मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे वह पैदल ही मोबाइल पर बात करते हुए कुदेशिया फाटक से बंद पड़ी जनकपुरी रेलवे क्रॉसिंग की ओर जा रहे थे। पीछे से बाइक से दो लड़के आए। इनके मुंह पर स्कार्फ बंधे थे। इन्होंने तौकीर के हाथ से मोबाइल छीनने की कोशिश की। छीनाझपटी में मोबाइल गिरकर टूट गया तो एक बाइक सवार उसे उठाने लगा। तभी तौकीर ने लुटेरे का कॉलर पकड़ लिया। साथी को फंसा देख दूसरे लुटेरे ने तौकीर पर चाकू जैसे कटर से वार कर दिया। जिससे तौकीर के पेट के पास हल्का घाव हो गया। इससे वह घबरा गए और लुटेरे को छोड़ दिया। तब लुटेरे बाइक से भाग निकले। थोड़ी दूर पर मिले एक ई रिक्शा से वह शील चौराहा पहुंचे और वहां चौकी पुलिस को घटना के बारे में बताया। थोड़ी देर में उनका परिवार आ गया। जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने टांके लगाए और उन्हें घर भेज दिया। उनकी हालत अब खतरे से बाहर है। 0
तौकीर अली की तहरीर पर अज्ञात में रिपोर्ट लिख ली गई है। लुटेरों की तलाश की जाएगी। वैसे तौकीर ने ही बताया कि उनकी दुकान में चोरी की घटना के बाद उन पर कई लोगों का बकाया हो गया है और वे उनसे तगाजा करते रहते हैं। हो सकता है कि इन लोगों ने ही घटना की हो। जांच में स्थिति साफ हो जाएगी। तौकीर का मोबाइल मौके पर ही मिल गया।
- बलवीर सिंह, इंस्पेक्टर प्रेमनगर
मार्निंग और ईवनिंग वॉकर्स की टेंशन में जान
प्रेमनगर और इज्जतनगर थाना क्षेत्रों में इन दिनों मोबाइल लुटेरों का आतंक है। इन इलाकों के बाहरी हिस्सों की कॉलोनियों में मॉर्निंग और इवनिंग वॉकर्स अक्सर बाइकर्स गैंग का शिकार हो जाते हैं। पिछले दिनों में ऐसी कई वारदात हो चुकी हैं। हर बार पुलिस लीपापोती कर देती है। मौका लगने पर यह गैंग महिलाओं से चेन, कुंडल आदि भी लूट ले जाता है। सप्ताह भर पहले शहीद गेट के पास परिवार के साथ टहलने आई एक महिला से चेन लूट ली गई थी। मोबाइल लूट के कई मामले बारादरी क्षेत्र में विवि के पास भी हुए हैं। इसमें अधिकतर विवि के छात्र शिकार हुए हैं। दो महीने पहले करीब पांच छात्रों के मोबाइल तेज रफ्तार बाइकर्स ने उड़ा लिए। इनमें से एकाध की ही रिपोर्ट दर्ज हुई। उसका भी नतीजा नहीं निकला।
मोबाइल की बस गुमशुदगी ही लिखती है पुलिस
मोबाइल लूट के मामलों में पुलिस का सीधा फंडा रहता है। वह मोबाइल लूट कभी लिखती ही नहीं। ऐसा करने पर उसे मुकदमे का निस्तारण करने में समस्या आती है। अधिकतर मामलों में वह मोबाइल खोने की तहरीर पर मुहर लगाकर दे देती है। बहुत सिफारिश पर मोबाइल खोने की गुमशुदगी का जीडी में तस्करा डाल दिया जाता है और एकाध मामले में मोबाइल चोरी दर्ज कर लेती है। हां, खुलासा तय होने की स्थिति में जरूर मोबाइल लूट लिख ली जाती है।