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हत्या कर फेंका गया शव चंदौसी के गौतम का निकला

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फरीदपुर (बरेली)। लौंगपुर में एक साल पहले मिले शव की पहचान संभल के चंदौसी निवासी गौतम के रूप में हुई है। चंदौसी पुलिस ने तीन हत्यारों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा कर दिया है। हत्यारों ने गौतम के दोस्त की हत्या पश्चिमी बंगाल में की थी। कपड़ों से भाई ने शिनाख्त कर ली।
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लौंगपुर में 21 जून 2018 को एक युवक का शव बरामद किया था। गला रेेता हुआ था। काफी कोशिश के बाद भी पुलिस पहचान नहीं कर सकी। उन्हीं दिनों में चंदौसी निवासी मेडिकल स्टोर संचालक गौतम और प्रमोद लापता हो गए थे। चंदौसी कोतवाली में अप्रैल में प्रमोद और जून में गौतम की गुमशुदगी दर्ज कराई गई। खुर्जा गेट चौकी प्रभारी सुभाष राणा को तलाश की जिम्मेदारी दी गई। दोनों की कॉल डिटेल निकाली गई। इसके आधार पर बरेली के विशातरगंज के निसोई निवासी रमेश को पुलिस ने पकड़ा। रमेश ने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालक प्रमोद और गौतम को उसने झांसा दिया था कि रुपया इकट्ठा कर लें तो उनको अच्छा व्यवसाय करा देंगे। प्रमोद ने डेढ़ लाख रुपया एकत्र कर लिया। वह प्रमोद को लेकर अपनी ससुराल पश्चिमी बंगाल चला गया। वहां प्रमोद की हत्या करके रकम लूट ली। प्रमोद की लाश बंगाल के मुर्शीदाबाद के जियागंज थाने में 26 अप्रैल को मिली पर शिनाख्त नहीं हो सकी थी। बताया कि प्रमोद का साथी होने के नाते गौतम को पता था कि वह प्रमोद को लेकर गया है। ऐसे में भेद खुलने का डर था। रमेश ने योजना बनाई और गौतम से कहा कि कुछ रुपया जमा करो, प्रमोद को तलाशते हैं। गौतम ने पचास हजार रुपया इकट्ठा किया। वो 17 जून 2018 को उसे लेकर बिथरी के गांव बहादुरपुर करोड़ आया। वहां रिश्तेदार वीरपाल के घर रुका। वीरपाल और उसके दोस्त दयाराम की मदद से 21 जून को वह गौतम को बहाने से फरीदपुर के गांव लौंगपुर लाए और रात में खेत में उसकी गला रेतकर हत्या कर दी। शव पर एसिड डाल दिया, जिससे उसकी शिनाख्त न हो सके। पुलिस ने रमेश के अलावा वीरपाल और दयाराम को गिरफ्तार करके दोहरे हत्याकांड को खोल दिया। एसआई सुभाष राणा सोमवार को गौतम के भाई श्रवण कुमार को लेकर फरीदपुर कोतवाली आए। प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार ने मालखाने से रक्तरंजित कपड़ों का पुलिंदा निकाला। इन्हें श्रवण ने पहचान लिया। श्रवण के मुताबिक रमेश उसकी भी लूट के बाद हत्या करना चाहता था। गौतम के न मिलने पर रमेश ने उनसे कहा कि कुछ रुपये एकत्र करो तो गौतम को तलाश कर लें, लेकिन श्रवण बातों में नहीं आया।
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