बरेली। कार और एंबुलेंस की आड़ में कोरियर वाले से बात करना जिला अस्पताल की संविदा कर्मचारी को महंगा पड़ गया। सीएमएस ने उसे जमकर डांट लगाई, लेकिन महिला कर्मचारी ने गलती स्वीकार कर ली तो मामला रफा-दफा कर दिया गया।
जिला अस्पताल की एक संविदा महिला कर्मचारी ड्यूटी समय में जिला अस्पताल के निकट खड़ी एंबुलेंस और कार की आड़ में सोमवार एक कोरियर वाले से बातें कर रही थी। इसी बीच सीएमएस डा. केएस गुप्ता राउंड पर निकले तो उनकी नजर पड़ गई। उन्होंने मौके पर पहुंच महिला कर्मचारी की न सिर्फ खुद फटकार लगाई बल्कि महिला अस्पताल की सीएमएस को मौके पर बुलाकर उन्हें भी दिखाया। बाद में जिला महिला अस्पताल की सीएमएस ने भी उसे डांट लगाई। महिला कर्मचारी के गलती स्वीकार कर लेने पर मामला रफा दफा कर दिया गया। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस का कहना था कि उन्होंने जब संबंधित महिला कर्मचारी से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह कुछ सामान कोरियर से मंगाया था। कोरियर वाला सामान देने आया था। वह सामान ले रही थी। सामान लेने के लिए वह जिला अस्पताल के निकट खड़ी एंबुलेंस व कार की आड़ में क्यो गई.. यह पूछने पर वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे सकी। इस पर उसे भविष्य में ऐसा न करने की हिदायत देकर छोड़ दिया गया।