बरेली। एक तरफ मुल्जिम मुकदमे में समझौते के लिए दबाव बना रहे हैं, दूसरी ओर विवेचक ने मुकदमे से रंगदारी की धारा हटा दी है। पीड़ित व्यापारी ने शनिवार को एडीजी से मिलकर सीओ और चौकी इंचार्ज के खिलाफ शिकायत की।
पुराना शहर काजी टोला निवासी मीट कारोबारी हाजी आमिर ने 12 जून को थाना बारादरी में आईपीसी की धारा 323, 307 और 386 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आमिर का आरोप है कि उन्हें शुएब अपनी बाइक पर बैठाकर ले गया था। आरोप है कि शुएब ने 50 हजार रुपये की रंगदारी मांगी। उसके मौके से भागने पर शुएब और तनवीर ने उसे जान से मारने की नीयत से फायरिंग की थी। इसमें शुएब, जुबेर और तनवीर को नामजद किया गया था। पुलिस शुएब को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। जबकि जुबेर और तनवीर फरार हैं। आमिर का कहना है कि शुएब और तनवीर खुलेआम घूम रहे हैं। उन पर समझौते के लिए दबाव बना रहे हैं। बावजूद इसके विवेचक ने मुकदमे से रंगदारी मांगने की धारा 386 हटा दी है। आरोप है कि यह धारा सीओ के कहने पर हटाई गई है। शनिवार को एडीजी से मिले आमिर ने घटना के समय बनाई गई वीडियो भी एडीजी को दिखाई।