बरेली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरीदपुर में इलाज के अभाव में बुजुर्ग महिला कलावती की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उन पर समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है। समझौता न करने पर उनके खिलाफ झूठी रिपोर्ट लिखा दी गई। सोमवार को पीड़ित पक्ष ने एसपी क्राइम से मिलकर इंसाफ की गुहार लगाई।
दो जून को फरीदपुर निवासी बुजुर्ग कलावती (70) की तबियत खराब होने पर परिवार वाले उन्हें वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए थे। सीएचसी में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. कल्याणी वहां नहीं मिलीं। फॉर्मासिस्ट ने बगैर प्राथमिक उपचार किए कलावती को रेफर कर दिया, लेकिन काफी देर तक 108 एंबुलेंस नहीं मिली। इलाज के अभव में बुजुर्ग कलावती ने वहीं दम तोड़ दिया था। मामला अखबारों की सुर्खियां बना तो सीएमओ ने जांच कराने के बाद ड्यूटी से लापता डॉ. कल्याणी और कलावती को रेफर करने वाले दोनों फॉर्मासिस्ट को निलंबित कर दिया था। सोमवार को कलावती की बेटी किला थाना क्षेत्र के बांके की छावनी निवासी विद्या एसपी क्राइम से मिलीं। विद्या ने आरोप लगाया कि सीएचसी के डॉक्टर व कर्मचारियों के पक्ष में बयान देने के लिए उन पर दबाव बनाया गया। यही नहीं उनके दिव्यांग भाई को डरा धमकाकर किसी कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। धमकी दी कि सीएचसी वालों के खिलाफ बयान दिया या कार्रवाई करोगे तो उल्टे फंस जाओगे। विद्या के मुताबिक वे सीएचसी के डॉक्टर व कर्मचारियों के पक्ष में बयान नहीं दिए तो उन पर दबाव बनाने के लिए घर में घुसकर मारपीट की झूठी रिपोर्ट लिखा दी। विद्या के मुताबिक जिस समय मारपीट की घटना दर्शायी गई है उस समय उनकी मां का दसवां संस्कार चल रहा था। विद्या ने झूठा मुकदमा खत्म कराने और मां कलावती की मौत के मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।