सीबीगंज (बरेली)। भारतीय खाद्य निगम में नौकरी दिलाने का झांसा देकर जालसाजों ने 610 लोगों से करीब 40 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने पहले लोगों को फर्जी आई कार्ड बनाकर दिए थे। फिर उन्हें फर्जी नियुक्ति आदेश दिखाए। मगर दो साल बीतने के बाद भी लोगों को नौकरी नहीं मिली, न ही उनकी रकम लौटाई जा रही है। अब आरोपियों के मोबाइल भी बंद है। उनके खिलाफ भुता थाने में तहरीर दी गई है।
सीबीगंज थाना क्षेत्र के गांव बोहित निवासी राकेश गंगवार ने बताया है कि वह रोजा शाहजहांपुर स्थित भारतीय खाद्य निगम के गोदाम में ठेकेदार के अधीन पल्लेदारी करते थे। तभी उनकी मुलाकात सत्यपाल पुत्र छोटे सिंह निवासी नगला मोहम्मदी व राजेश्वर निवासी 28 अठाईन फरीदपुर से हुई। उन्होंने बताया कि वह भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करा रहे हैं। इस मामले में कोर्ट में केस चल रहा है। वह केस जीत भी गए हैं। अब जो भी पल्लेदार रखे जाएंगे उन्हें स्थाई किया जाएगा। स्थाई नौकरी के लिए पांच-पांच लाख रुपये देेने होंगे। यह रकम कोर्ट व अधिकारियों को देने के लिए जमा कराए जा रहे हैं। 610 मजदूर स्थाई भी हो गए हैं। उनके नाम के कोर्ट का फर्जी आदेश व उनके आई कार्ड भी दिखाए। उनके झांसे में आकर राकेश कुमार पुत्र जसवंत सिंह निवासी वोहित सीबीगंज, बनवारी लाल पुत्र कोमल प्रसाद निवासी खजुरीखेड़ा बहेड़ी, सोमपाल पुत्र राममूर्ति लाल निवासी मुड़िया हाफिज, जयपाल पुत्र लक्ष्मण प्रसाद निवासी अलीनगर, रामकुमार पुत्र दुलीराम निवासी नाद पसियापुर, मोहन स्वरूप पुत्र बुद्धसेन निवासी तुरसापट्टी समेत 14 लोगों से पांच-पांच लाख रुपए दे दिए। रकम देने के वर्ष भी उन्हें नौकरी नहीं मिली। शुरू में आरोपी टालते रहे। अब आरोपियों के मोबाइल बंद हैं। पीड़ित अपनी रकम लेने को घर गए तो आरोपी हमलावर हो गए और जान से मारने की धमकी दी। तब उन्हें ठगे जाने का एहसास हुआ। नौकरी रोजा अतरसिया शाहजहांपुर समेत भारतीय खाद्य निगम के 11 डिपो में इन्हें नौकरी दिलाने को कहा गया था। इनके अलावा होरीलाल, हीरालाल, राजेंद्र प्रसाद, मनीराम, ओंकार आदि समेत करीब 610 लोगों से पांच-पांच पांच लाख रुपये लिए गए थे। उधर इस मामले में सीबीगंज के गांव वोहित निवासी राकेश कुमार पुत्र जसवंत सिंह ने भुता थाने में सत्यपाल पुत्र छोटे सिंह निवासी नगला मोहम्मदी, राजेश्वर एवं उनके पुत्र वीरेश, आकाश, पंकज, समर सिंह आदि के खिलाफ तहरीर दी है।
प्रभारी एसओ हरकेश सिंह ने बताया वोहित के कुछ लोग आए थे, लेकिन एसओ के न मिलने पर बगैर कोई कागज दिए लौट गए।