बरेली। महिला दरोगा की हत्या के मामले में नई जानकारियां सामने आ रही हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि महिला दरोगा के पास उसके नाम की दूसरी रजिस्टर्ड वसीयत थी ही नहीं। पुलिस अब भाड़े के हत्यारों का पता लगा रही है।
पुलिस लाइन में महिला दरोगा रीना कुमारी की हत्या 27 मई को कर दी गई थी। 28 को उनका शव सरकारी आवास में मिला। हत्या उनके भाई और भतीजे ने ही दो सुपारी किलर के साथ मिलकर की थी। दो लाख रुपये में बात तय हुई जिसमें से एक लाख दे दिए गए। गुरुवार को पुलिस ने दरोगा के भाई और भतीजे को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस की टीमें भाड़े के हत्यारों की तलाश में जुटी हैं। आरोपी भाई विपिन ने बताया कि रीना ने करीब साढ़े पांच करोड़ कीमत की 52 बीघा जमीन पिता को धोखा देकर अपने नाम करा ली थी। कुछ सुनने को भी तैयार नहीं थी। वहीं, पुलिस की जांच में पता लगा है कि रीना कुमारी अपने पिता को लेकर वसीयत कराने गई थीं पर पिता बहाने से रजिस्ट्रार के यहां से निकल गए। संभव है कि बिना रजिस्टर्ड कराए ही रीना ने वसीयत बनवा ली हो। बताया कि जमीन पर फसल बोते घरवाले थे और कटान महिला दरोगा रीना करा लेती थीं। इस वजह से भाई के परिवार को रोजी-रोटी की समस्या हो गई थी और उसने महिला दरोगा की हत्या कर दी। ऐसे में पुरानी रजिस्टर्ड वसीयत के आधार पर जमीन हत्यारोपी भतीजों को मिलने की संभावना बढ़ गई है। एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि भाड़े के हत्यारों को भी जल्दी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस लाइन में भी सुरक्षा बंदोबस्त दुरुस्त किए हैं। हर आने जाने वाले की एंट्री दर्ज होगी।