बरेली। दुष्कर्म के आरोपी ताऊ को सजा दिलाने के लिए भमोरा पुलिस ठोस सबूत जुटाने में लगी है। इसके लिए बच्ची का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। गुरुवार को पुलिस ने बच्ची का ब्लड सैंपल लेकर देहरादून प्रयोगशाला भेजा।
भमोरा थाना क्षेत्र का मूल निवासी एक परिवार नैनीताल (उत्तराखंड) के मल्लीताल इलाके में रहता है। उनकी 12 साल की बच्ची जनवरी 2012 में भमोरा इलाके के अपने पैतृक गांव आई थी। जहां बच्ची से 55 साल के ताऊ ने दुष्कर्म किया। परिजनों को इसकी जानकारी तब हुई मल्लीताल लौटने के बाद पेट में दर्द होने पर बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस के मुताबिक मेडिकल परीक्षण के दौरान बच्ची के पेट में ढाई माह का भ्रूण पाया गया। तब वहीं मल्लीताल थाने में आरोपी ताऊ के खिलाफ बच्ची से दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी। चूंकि घटना स्थल पैतृक गांव था इससे मल्लीताल थाना पुलिस ने मुकदमा भमोरा थाने ट्रांसफर कर दिया। इसकी विवेचना थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह कर रहे हैं। आरोपों की पुष्टि के लिए बच्ची के पेट से निकाले गए भ्रूण और आरोपी का ब्लड सैंपल देहरादून लैब भेज दिया गया था। गुरुवार को बच्चे के ब्लड का सैंपल लेकर देहरादून लैब भेजा गाया। विवेचक विजय प्रताप ने बताया कि टेस्ट के बाद तीनों के डीएनए मिलान कराया जाएगा। डीएनए टेस्ट रिपोर्ट को सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश किया जाएगा, जिससे आरोपी को अपने किए की सजा मिल सके।