बरेली। डीडीपुरम में आढ़ती राजकुमार की हत्या और व्यापारी अर्पित ऐरन से लूट शाहजहांपुर के तीन पिता-पुत्रों ने की थी। बदमाश अर्पित का बैग लूटना चाहते थे। इसके लिए दो बार रेकी भी की थी। मंगलवार को पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर डीडीपुरम कांड का खुलासा कर दिया। तीसरा अभी पुलिस पकड़ से बाहर है।
22 मई की शाम डीडीपुरम में मॉडल शॉप के सामने गोपाल भोग आटा ब्रांड के मालिक और कीर्ति नगर निवासी अर्पित ऐरन से बैग लूटने की कोशिश की गई थी। छीना झपटी के दौरान बदमाशों ने अर्पित को गोली मार दी थी। उस वक्त मॉडल शॉप के सामने मौजूद राजेंद्र नगर के आढ़ती राजकुमार कपूर उर्फ राजू मौजूद थे। वो अर्पित की मदद को दौड़े। उन्होंने एक बदमाश को पकड़ भी लिया था, तभी दूसरे बदमाश ने उन्हें निशाना बनाकर गोली चला दी। कनपटी पर गोली लगने से राजू की मौके पर मौत हो गई थी। इस घटना की रिपोर्ट थाना प्रेमनगर में दर्ज कराई गई थी।
एसपी सिटी अभिनंदन सिंह ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि घटना के खुलासे को एसपी क्राइम के निर्देशन में क्राइम ब्रांच और प्रेमनगर पुलिस को लगाया गया था। वारदात को अंजाम शाहजहांपुर के खुदागंज थाना क्षेत्र के पहाड़पुर निवासी रमेश, उसके बेटे राजेश और बृजेश ने दिया था। पुलिस ने रमेश और राजेश को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास वारदात में प्रयुक्त सीबी जेड मोटर साइकिल, एक पिस्टल और तमंचा-कारतूस बरामद हुए हैं। मंगलवार को दोनों पिता-पुत्र जेल भेज दिए गए। तीसरे आरोपी बृजेश को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। रमेश के खिलाफ खुदागंज थाने में भी मारपीट का मुकदमा दर्ज है।
दो बार की थी रेकी.. बचने को बाइक से निकाली नंबर प्लेट
एसपी सिटी के मुताबिक पूछताछ के दौरान रमेश ने बताया कि वह व्यापारी अर्पित के फ्लोर मिल में गेहूं बेचने जाता था। इससे उसे अंदाजा लगा कि अर्पित के पास पांच-छह लाख रुपये रहते हैं। उसने अपने दोनों बेटों के साथ मिलकर अर्पित को लूटने की प्लानिंग की। एक और दो मई को रजऊ स्थित फ्लोर मिल से घर तक पीछा करके अर्पित की रेकी भी की। अर्पित डीडीपुरम में मॉडल शॉप के सामने रुके थे, जिससे वहीं लूटने का प्लान बना लिया। 22 तारीख को तीनों शाम को करीब पांच बजे अपने घर से बाइक पर चले। पुलिस से बचने को मोबाइल बंद कर लिए थे। बाइक की नंबर प्लेट निकालकर बैग में रख ली थी। रात नौ बजे के करीब डीडीपुरम पहुंचे और वहीं खड़े होकर इंतजार करने लगे। इसके आधे घंटे बाद अर्पित वहां पहुंचे। वह कार खड़ी करके मॉडल शॉप पर गए। शॉप से लौटकर अर्पित ने डिग्गी खोली और जैसे ही बैग निकाला, रमेश ने छीनने की कोशिश की। छीनाझपटी होने पर रमेश ने पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी। बृजेश ने तमंचे से गोली चलाई। हाथ में गोली लगने से अर्पित ने बैग छोड़ दिया। दोनों भाग पाते इससे पहले राजू ने पीछे से बृजेश को पकड़ लिया। तभी रमेश ने पिस्टल से फिर दो फायर किए। एक गोली राजू की कनपटी पर लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। भागते समय पीछे से किसी ने ईंट फेंककर मारी, जो बृजेश के सिर में लगी।
ऐसे पकड़े गए
एसपी सिटी ने बताया कि भागते समय बदमाशों का बैग मौके पर गिर गया था, जिसमें एक बाइक की नंबर प्लेट निकली। जिस पर यूपी 25 एएन 4155 नंबर लिखा था। आरटीओ कार्यालय से पता चला कि यह बाइक फरीदपुर के बक्सरिया मोहल्ला निवासी रमेश चंद्र त्रिपाठी के नाम थी। तलाश करने पर पता चला कि रमेश फरीदपुर छोड़कर कहीं और रहने लगा है। आरटीओ कार्यालय में मिले फोटो और इंटरनेट की मदद से रमेश के पहाड़ीपुर गांव में होने का पता चला। गांव में जाने पर तीनों पिता-पुत्रों के घर से गायब होने का पता चला। मंगलवार को जनकपुरी में बंदर रेलवे क्रॉसिंग लाइन पर वाहन चेकिंग के दौरान रमेश और राजेश पकड़ लिए गए।