यात्रियों की आपत्ति के बाद जंक्शन पर उतारा गया शव, पोस्टमार्टम के बाद जीआरपी ने घरवालों को सौंपा
बरेली। दिल्ली से बिहार जा रहे सात महीने के मासूम बच्चे की सफर के दौरान मौत हो गई। दंपती मासूम के मरने की बात छिपाए रहे, लेकिन जब यात्रियों को शक हुआ उन्होंने पूछताछ की। इसके बाद दंपती ने टीटीई को तबियत खराब होना बताया। ट्रेन के जंक्शन पर रुकने पर डाक्टर ने चेक किया तो बच्चा मृत था। जीआरपी ने बच्चे को पोस्टमार्टम के बाद शव को घरवालों को सौंप दिया।
अवध असम एक्सप्रेस के एस-4 कोच में अमित शाह परिवार समेत दिल्ली से खगड़िया (बिहार) जा रहे थे। उनके साथ सात महीने का बेटा हिमांशु भी था। अमित के मुताबिक, हिमांशु को पीलिया था। यात्रियों की माने तो हिमांशु दिल्ली से ही थोड़ी-थोड़ी देर बाद रो था, लेकिन मुरादाबाद के बाद उसके रोने की आवाज नहीं आई। उन्हें शक हुआ तो उन्होंने अमित से पूछा। परसाखेड़ा स्टेशन के पास अमित ने टीटीई को बच्चे की तबियत खराब होने के बारे में बताया। रेलवे कंट्रोल मुरादाबाद से मेसेज आने के बाद जंक्शन पर रेलवे डाक्टर ने हिमांशु को चेक किया तो देखा कि उसी मौत हो चुकी है। जीआरपी ने बच्चे को ट्रेन से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सूत्रों का कहना है कि दंपती बच्चे के शव को गांव ले जाना चाहते थे, लेकिन यात्रियों की आपत्ति के बाद शव जंक्शन पर उतारा गया। जीआरपी इंस्पेक्टर कृष्ण अवतार ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव को घरवालों के हवाले कर दिया गया। रेलवे के पास शव को भेजने की कोई व्यवस्था नहीं है।