पुवायां (शाहजहांपुर)। फर्जीवाड़ा कर बैनामा कराए जाने के मामले को कोर्ट के आदेश पर आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
गांव तितुरा निवासी आनंदस्वरूप ने बताया कि वह तीन सगे भाई राममोहन, आनंदस्वरूप, मुन्नालाल हैं। बड़े भाई राममोहन ने उसके और मुन्नालाल के साथ षडयंत्र करके अपने सहयोगियों की मदद से एक बैनामा करा लिया। दोनों भाइयों के हिस्से की जमीन हड़पने के लिए उसकी मां रामवती की जमीन दूसरी महिला को खड़ी कर पांच अप्रैल 99 को अपनी पत्नी रामखिलौना के नाम बैनामा करा लिया। बैनामे में गवाह बसई के रामआसरे और पुरेना के रामचंद्र वर्मा ने की है। बैनामा में लेखक राजीव कुमार की भी भूमिका है।
सेवानिवृत्त लेखपाल रामलखन दुबे से फर्जी रिपोर्ट लगवाकर दाखिल खारिज भी करा लिया गया। जानकारी मिलने पर उसने बैनामा निरस्त का मुकदमा किया। जिला जज ने 27 जुलाई 18 को बैनामे को शून्य घोषित कर दिया। रामखिलौना का जानकारी थी कि बैनामा शून्य घोषित हो जाएगा इस कारण उसने आठ लाख रुपये लेकर दूसरा बैनामा गांव तितुरा के रामप्रकाश को कर दिया। इसमें गवाह तितुरा के राममोहन, विश्नू को बनाया गया है। इस प्रकार धोखाधड़ी कर जमीन हड़पने की नियत से फर्जीवाड़ा किया गया है। तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो उसने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।