बरेली। डीडीपुरम में बुधवार रात गोपाल भोग आटा व्यवसायी के बेटे को गोली मारकर लूटने की कोशिश में आढ़ती राजकुमार कपूर की गोली लगने से मौत हो गई थी। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन राजकुमार के शव को घटनास्थल एकता नगर चौराहा लाए और वहां जाम लगाकर प्रदर्शन किया। कहना था कि जिस व्यवसायी को बचाने की खातिर राजकुमार ने जान दे दी, उनके परिवार का कोई सदस्य हाल पूछने भी नहीं आया। एसपी सिटी ने दो घंटे बाद बमुश्किल जाम खुलवाया।
एंबुलेंस में राजकुमार कपूर का शव लेकर परिजन कॉलोनी वालों के साथ दोपहर एक बजे एकता नगर चौराहे आए। वहां एंबुलेंस बीच में खड़ी की और चारों ओर बाइक व अन्य वाहन लगाकर रास्ते बंद कर दिए। योजनाबद्ध तरीके से प्रदर्शन करने आए लोगों के हाथों में नारे लिखी बैनर पैम्फलेट थे। वे राजकुमार के परिवार को न्याय देने की मांग करने के साथ ही पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। सूचना पर इंस्पेक्टर प्रेमनगर बलवीर सिंह पुलिस के साथ मौके पर आ गए। उन्होंने समझाने की कोशिश की पर लोग नहीं माने। बाद में कुछ और थानों का फोर्स बुला लिया गया। सीओ सिटी और सदर कोतवाल ने आकर परिवार को समझाया पर वे काफी गुस्से में थे और बड़े अधिकारियों को बुलाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि जिन फ्लोर मिल मालिक के बेटे को बचाने के फेर में राजकुमार ने अपनी जान दे दी, वे इतने घंटे बाद भी उनके परिवार का हाल देखने या सांत्वना जताने नहीं आए। उन्हें मौके पर बुलाया जाए। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है पर हम दूसरे पक्ष को आने या किसी तरह की मदद के लिए बाध्य नहीं कर सकते। तब पब्लिक और आक्रोशित हो गई। बाद में एसपी सिटी अभिनंदन सिंह आए और परिवार को मना लिया। कहा कि वे दूसरे पक्ष से बात करेंगे। आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दो घंटे बाद दोपहर तीन बजे जाम खोल दिया गया। फिर शव को अंत्येष्टि के लिए ले जाया गया।
शहीद का दर्जा, नौकरी मांगेंगे
मृतक के भाई मयंक ने कहा कि परिवार के सामने बड़ी समस्या आ गई है। आढ़त की कमाई से परिवार चलता था। फ्लोर मिल मालिक परिवार को उनकी मदद करनी चाहिए। तीन बेटियों की पढ़ाई और परवरिश का सवाल है। वे चाहते हैं कि जिस तरह वीरता दिखाते हुए उनके भाई की जान गई, उसे शहीद का दर्जा दिया जाए। पत्नी रिचा को नौकरी और बेटियों की शिक्षा का जिम्मा सरकार ले। वे एक-दो दिन में प्रशासन के जरिए सरकार से यह मांग करेंगे। हल्द्वानी से आई राजकुमार की बहन वर्षा टंडन ने बताया कि उनके पति दिशांत टंडन कुमायूं मंडल के भाजपा नेता हैं। उनके जरिये सरकार से परिवार को न्याय और आर्थिक मदद की बात की जाएगी।
आज व्यापारी मिलेंगे कप्तान से
उप्र उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष शोभित सक्सेना, जिलाध्यक्ष राजकुमार राठौर व अन्य व्यापारियों के साथ पहले मृतक परिवार में सांत्वना देने पहुंचे और बाद में निजी अस्पताल में भर्ती अर्पित को देखने आए। मोहित ने बताया कि उन्होंने फ्लोर मिल मालिक पक्ष से बात की है। वे लोग घटना के बाद घबराए हुए थे। मृतक पक्ष की मदद कराई जाएगी। कहा कि शुक्रवार शाम पांच बजे उनका प्रतिनिधिमंडल एसएसपी से उनके कैंप कार्यालय पर मिलेगा। यहां व्यापारियों को सुरक्षा और प्राथमिकता से शस्त्र लाइसेंस देने की मांग की जाएगी।
मृतक परिवार के साथ हैं, बात भी हुई : मोहित ऐरन
गोपाल भोग आटा फर्म के मालिक उमाशंकर ऐरन के बड़े बेटे और घायल अर्पित के भाई मोहित ऐरन ने बताया कि उनकी संवेदना राजकुमार के परिवार के साथ है। शाम के वक्त उनके पिता की पंजाबी महासभा के अध्यक्ष की मध्यस्थता में पीड़ित परिवार से मुलाकात भी हुई थी। वे लोग खुद राजकुमार के घर जाएंगे। बताया कि वे अपने भाई के इलाज को लेकर परेशान थे। अर्पित की हथेली में बारूद के टुकड़े मिले हैं जिन्हें डॉक्टरों ने ऑपरेशन से निकाला है। बताया कि घटना के बाद कुछ लोगों ने अस्पताल में आकर उनके परिवार को धमकाया। वे जाना चाहते थे पर पुलिस का भी कहना था कि माहौल गरम है, आपके जाने से झगड़ा हो सकता है। इससे वे घबरा गए थे और नहीं गए।
बेटी ने दी मुखाग्नि
राजकुमार के कोई बेटा नहीं है। तीन बेटियां साक्षी, आयरा और विंसी हैं। शाम को श्मशान भूमि में आठ साल की बड़ी बेटी साक्षी ने अपने पिता के शव को मुखाग्नि दी। इस दौरान सैकड़ों लोग मौजूद थे जिनकी आंखें नम हो गईं।