बरेली। हाफिजगंज क्षेत्र में मृत मिले तेंदुए की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की स्थित साफ नहीं होे पाई है। विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। आईवीआरआई में शुक्रवार हुए पोस्टमार्टम के बाद रिपोर्ट में कहा गया है कि तेंदुए के शरीर की कोई भी हड्डी टूटी नहीं थी। उसके पेट में भोजन नहीं था। पेट में कृमि पाए गए। इस रिपोर्ट से वन विभाग द्वारा तेंदुए को घेर कर लाठी-डंडों से मारे जाने की 100 लोगों के खिलाफ लिखाई गई रिपोर्ट पर भी सवालिया निशान लग गया है।
गुरुवार को गांव बढेपुरा निवासी भुवनेश्वर व कमुआ निवासी शिव कुमार को तेंदुए ने घायल कर दिया था। दोपहर हुई इस घटना के बाद सायं क्षेत्र निवासी एक ग्रामीण के गन्ने के खेत में एक तेंदुए का शव पड़ा मिला था। शुक्रवार को वन विभाग की टीम ने तेेंदुए का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने वन विभाग द्वारा तेंदुए को पीट-पीट कर मार डालने की बात को सिरे से खारिज कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक तेंदुए के शरीर पर किसी भी तरह की कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं। उसके शरीर की कोई हड्डी भी नहीं टूटी है। चोट के नाम पर तेंदुए के सिर पर एक अंदरूनी गुम चोट जरूर मिली है। इस हालत में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर चिकित्सकों ने उसका विसरा सुरक्षित रख लिया है। पीएम रिपोर्ट में तेंदुए की मौत 24 घंटे के भीतर बताए जाने से यह साफ हो गया है कि यह वही तेंदुआ हो सकता है, जिसने ग्रामीण पर हमला किया था। तेंदुए के अगले पंजे में मिला घाव का निशान भी ताजा नहीं था। मिला। इसकी पुष्टि वन संरक्षक पीपी सिंह ने भी की है।
एसडीओ, रेंजर और वन दरोगा को नोटिस
बरेली। मृत मिले तेंदुए की सूचना के बाद वन संरक्षक ने इस मामले में गुरुवार रात एसडीओ आरवी सिंह को पूरे मामले की जांच को कहा था। शुक्रवार आरवी सिंह की लापरवाही मिलने पर उनसे जांच हटा कर एसडीओ आवला बीएन सिंह को सौप दी गई है। वन संरक्षक पीपी सिंह ने बताया कि क्षेत्र में सतर्कता बरतने में देरी और लापरवाही पाई गई। इसके लिए एसडीओ आरवी सिंह, रेंजर नीलमणि के साथ उस क्षेत्र के वन दरोगा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
वन दरोगा बोला- ग्रामीणों की पिटाई से मरा तेंदुआ
हाफिजगंज। वन दरोगा चंद्रशेखर ने शुक्रवार को टीम के साथ मौका मुआयना करने के बाद कहा कि तेंदुए को ग्रामीणों ने ट्रैक्टरों से घेर कर लाठी-डंडों से पीट कर मारा है। उसने इस मामले में शुक्रवार 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। वन दरोगा ने बताया कि वन विभाग की एक टीम, जिसमें पुष्कर जोशी, नीलमणि, अकबर अली, वेदप्रकाश, माधौसिह शामिल थे उन्होंने सबूत तलाशने के लिए कांबिंग की। टीम को गांव के कोेटेदार के खेत में कई ट्रैक्टर द्वारा रौंदने के निशान भी मिले। एक स्थान पर खून और एक स्थान पर बाल मिले। हालांकि यह दोनों तेंदुए के ही हैं या नहीं यह कहना अभी मुश्किल है। , लेकिन यह साफ है कि तेंदुए को ग्रामीणों ने ही मारा है।