हाफिजगंज। राशन घोटाला में पुलिस का नरम रवैया आरोपियों के लिए फायदेमंद साबित हुआ। राशन माफिया कमल गुप्ता, फरीदपुर के पूर्व चेयरमैन रवींद्र सक्सेना और गोदाम सहायक राजेंद्र कुमार को कोर्ट से अरेस्ट स्टे मिल चुका है। पुलिस जल्द जांच पूरी कर चार्जशीट लगाने की तैयारी में है, क्योंकि अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद ही आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है।
भुता के एफसीआई गोदाम से सरकारी राशन रिठौरा में कमल गुप्ता के गोदाम तक पहुंचाने के खेल में नामजद आरोपी कमल गुप्ता, ड्राइवर वीरपाल, गोदाम सहायक राजेंद्र कुमार, और फरीदपुर के रविंद्र गंगवार आदि पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिशें दी गईं। लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद पुलिस सबसे कमजोर कड़ी ड्राइवर वीरपाल तक ही पहुंच सकी। उसे गिरफ्तारी के बाद जेल भेज दिया गया। हाफिजगंज पुलिस ने अधिकारियों को बताया कि बाकी आरोपी घर छोड़कर भागे हुए हैं। दबाव ज्यादा होने पर पुलिस ने आरोपियों के रिश्तेदारों को उठाकर थाने में बैठा लिया, लेकिन फायदा नहीं हुआ। अब सभी आरोपी कोर्ट से अरेस्ट स्टे ले आए हैं। पुलिस जब कुर्की का आदेश कराने कोर्ट गई तो सामने आया कि कमल गुप्ता को भी अरेस्ट स्टे मिल चुका है। इसके बाद पुलिस ने कुर्की की कार्रवाई रोक दी। विवेचक नरेंद्र सिंह ने बताया कि सभी नामजद लोगों ने स्टे ले लिया है। जल्द ही अब कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।