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बारावफात के जुलूस के लिए संघ का बैनर हटाया तो मामला गरमाया

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आंवला। बारावफात के जलूस के रास्ते में सड़क के ऊपर बंधे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के एक बैनर को हटा देने का मामला गरमा गया है। दरअसल इस बैनर पर कुछ चित्र छपे थे, जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने इसी कारण बैनर के नीचे से निकलने पर आपत्ति जताई, फिर बैनर को खुद ही तोड़ दिया। भाजपाई इसको लेकर अब एफआईआर दर्ज कराने पर अड़ गए हैं। दूसरी ओर जुलूस की अगुवाई करने वाले पूर्व चेयरमैन आबिद अली ने मामला गरमाने के बाद अनजाने में ऐसा होने की बात कही है।
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बारावफात का जुलूस बुधवार को जब स्टेट बैंक शाखा के पास पहुंचा तो संघ कार्यालय के सामने एक बैनर को देखकर रोक दिया गया। बैनर पर चित्र छपा होने की वजह से जुलूस में शामिल लोगों ने इसके नीचे से अंजुमन निकालने से इंकार कर दिया और इस बैनर हटाने की मांग की। बैनर हटाने कोई नहीं पहुंचा तो जुलूस में शामिल लोगों ने खुद ही इसे हटा दिया। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद संघ के पूर्व जिला प्रचारक शैलेंद्र सिंह ने इस पर आपत्ति जताते हुए एसडीएम और सीओ को फोन कर विरोध जताया। एसडीएम विशु राजा और सीओ आलोक कुमार अग्रहरि मौके पर पहुंचे तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक के स्वयंसेवक और हिंदूवादी संगठन के लोग एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अड़ गए। मौके पर मौजूद नगर पालिका अध्यक्ष संजीव सक्सेना और एसडीएम ने आक्रोशित लोगों को समझाकर शांत किया।

जुलूस में शामिल किसी व्यक्ति ने बैनर नहीं तोड़ा है। ऐसा हो सकता है जुलूस में शामिल झांकी की मीनार में फंसकर कमजोर डोरी से बंधा बैनर टूट गया हो। - आबिद अली, पूर्व चेयरमैन
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बैनर निर्धारित से अधिक ऊंचाई पर बंधा था। सौहार्दपूर्ण माहौल में निकल रहे जलूस में खुराफात करने की नियत से असामाजिक तत्वों ने कस्बे का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है। यदि प्रशासन ने दोषी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो आगे रणनीति तय की जाएगी। - संजीव सक्सेना, चेयरमैन भाजपा

घटनास्थल पर बने वीडियो को देखकर बैनर उतारने वालों के खिलाफ उचित धाराओं के अंतर्गत केस दर्ज किया जाएगा। - विशु राजा, एसडीएम

बिथरी में एक दिन पहले जुलूस निकालने की कोशिश, तनाव
बिथरीचैनपुर। दोनों पक्षों में सहमति के बावजूद एक दिन पहले ईद मीलादुन्नवी का जुलूस निकालने की कोशिश की गई तो तनाव का माहौल बन गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गुरुवार को जुलूस निकलवाने का वादा करके माहौल शांत कराया। उदयपुर जसरथपुर गांव का जुलूस दूसरे मजरा धर्मपुर में घूमता है। इसके बाद काशी मजरा लौट जाता है। यह जुलूस गुरुवार को निकलना है। मिश्रित आबादी से जुलूस निकालने को लेकर दोनों पक्षों में पुलिस की मौजूदगी में मंगलवार को सहमति भी बन गई थी। इसके बावजूद कुछ लोग बुधवार को ही जुलूस निकालने लगे। दूसरे समुदाय के लोगों ने आपत्ति जताई तो थाना प्रभारी उमेश सिंह सोलंकी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और जुलूस रुकवा दिया। गांव में तनाव देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
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