हाफिजगंज। जोधपुर के श्रद्धालुओं की बस हाईटेंशन लाइन से टकराने से हुए हादसे के बाद मंगलवार रात करीब 11 बजे बिजली विभाग के अफसरों ने अपनी लापरवाही पर पर्दा डालने के लिए कर्मचारियों को लाइन ऊंची करने रिछौला गांव भेजा, लेकिन गांव वालों ने उन्हें दौड़ा दिया। गुस्साए ग्रामीणों के तेवर देखकर कर्मचारी खंभा, रस्सी और बाइक छोड़कर खेतों से होकर भाग गए। गांव वालों ने बाइक और खंभा लाकर ग्राम प्रधान के घर रखवा दिया। सुबह बिजली विभाग के अधिकारियों ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों की खुशामद बात की। लंबी पंचायत के बाद गांव वाले शांत हुए जिसके बाद दूसरा खंभा लगाकर लाइन ऊंची की गई।
रिछौला गांव में अनंत श्री सुखलाल जी रामस्नेही संप्रदाय धाम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर जोधपुर लौट रहे श्रद्धालुओं की बस पीलीभीत हाईवे से लभेड़ा जाने वाली लिंक रोड पर आसपुर पुलिया के पास जमीन से 10-11 फुट ऊपर ही लटक रही हाईटेंशन लाइन से टकरा गई थी। इससे बस में करंट उतर आया और 12 यात्री झुलस गए थे। हादसे के बाद बिजली अफसरों ने दावा किया था कि हाईटेंशन लाइन मानक के अनुरूप साढ़े आठ मीटर ऊंचाई पर थी। अपनी लापरवाही पर पर्दा डालने के लिए बिजली अफसरों ने रात करीब साढ़े ग्यारह बजे लाइन ऊंची करने के लिए एक टीम भेज दी। कर्मचारी जब दूसरा खंभा लगाने के लिए गड्ढा खोद रहे थे, तभी गांव वालों को इसकी भनक लग गई। गुस्साए गांव वाले मौके पर पहुंचे तो कर्मचारी खंभा, रस्सी और बाइक छोड़कर खेतों से होकर भाग निकले। बुधवार सुबह एसडीओ अभिषेक राय, एक्सईएन पीके मोगा, जेई अमित कुशवाहा गांव पहुंचे। उन्होंने हादसे सेे नाराज लोगों को बातचीत करके शांत किया। इसके बाद नया खंभा लगाकर लाइन ऊंची की गई।
डीएम ऑफिस ने शासन को भेजी रिपोर्ट एफआईआर दर्ज करने में टालमटोल
बरेली। हाफिजगंज के इंस्पेक्टर दलवीर सिंह ने बताया कि राजस्थान से घायलों के परिजन के फोन आ रहे हैं। बृहस्पतिवार तक वे बरेली पहुंच जाएंगे। इसके बाद मामले की रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। इधर डीएम कार्यालय से हादसे की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। बता दें कि डेलापीर के निजी अस्पतालों में भर्ती नौ श्रद्धालुओं की हालत खतरे से बाहर है। इनमें कुछ मामूली घायल हैं, पुलिस चाहती तो उनसे तहरीर लेकर रिपोर्ट दर्ज कर सकती थी, लेकिन उनके परिजन के इंतजार की बात कहकर इसे टाला जा रहा है। हालांकि एसएसपी कार्यालय को रिपोर्ट भेज दी गई है। एलआईयू ने भी रिपोर्ट तैयार की है।
पहले शिकायतें तक नहीं सुनीं, हादसा हुआ तो ऊंची की लाइन
ग्राम प्रधान ओमकार के अलावा गांव के राकेश, छत्रपाल, शिवदत्त, ताराचंद्र आदि ने कहा कि हाईटेंशन लाइन के ढीले होकर नीचे लटक रहे तारों को ठीक करने के लिए कई बार बिजली अधिकारियों से कहा गया था, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। मंगलवार को जब हादसा हुआ तो अपनी गर्दन फंसती देख अफसरों ने रात में ही कर्मचारियों को लाइन ऊंची करने भेज दिया, जबकि दिन में अफसरों ने लाइन निर्धारित ऊंचाई पर होने की बात कही थी। अगर लाइन नियत ऊंचाई पर थी तो फिर उसे ऊंचा क्यों कराया गया।