आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के सरगना यासीन भटकल के गुर्गों को हथियार सप्लाई करने के शक में दिल्ली की स्पेशल सेल और नोएडा की एटीएस ने बहेड़ी से एक युवक को उठाकर सात घंटे पूछताछ की गई। उसका ओखला से पकड़े गए संदिग्ध आतंकी रिजवान से सामना कराया गया। उससे हथियारों की सप्लाई के बारे में पूछताछ की। कोई साक्ष्य न मिलने पर उसे छोड़ दिया गया। हालांकि जांच में यह सामने आया कि युवक 29 जून को कुछ संदिग्ध लोगों के साथ नैनीताल घूमने गया था। ये लोग वहां किससे मिले, इसका पता लगाने में एटीएस जुटी हुई है।
दिल्ली के ओखला से संदिग्ध आतंकी रिजवान और हमदा की गिरफ्तारी के बाद एटीएस को उनके साथियों की तलाश है। पूछताछ में दोनों ने बहेड़ी के एक युवक का नाम हथियारों की सप्लाई करने में लिया था। इसके बाद दिल्ली की स्पेशल टीम और नोएडा की एटीएस ने शुक्रवार रात को ही यहां आकर डेरा जमा लिया। शनिवार सुबह पौने छह बजे टीम ने नमाज पढ़कर घर लौटते वक्त युवक को उठा लिया। थाने में कुछ देर पूछताछ करने के बाद टीम उसे लेकर चली गई। टीम ने उसे बरेली ले जाकर करीब सात घंटे पूछताछ की। उसे कुछ और जगहों पर भी ले जाया गया। बाद में उसे छोड़ दिया गया।
हथियारों को दिखाकर पूछा- कहां से लाते हो ये
गाड़ी में ही बहेड़ी के युवक का रिजवान से सामना कराया गया। कुछ हथियार दिखाकर टीम ने उससे पूछा- ये कहां से लेकर आए थे। दोनों के बीच दोस्ती कब हुई थी। संदिग्ध युवक ने टीमों को बताया कि एक तमंचा देने की बात तो हुई थी, लेकिन उसने मना किया था। एटीएस की टीम ने आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के यासीन भटकल के बारे में भी कई सवाल दागे। एटीएस पूछ रही थी कि हथियारों की खेप कहां से आती है? पाकिस्तान में किसके संपर्क में हो? लंबी पूछताछ के बाद टीमें युवक का मोबाइल मय सिम के अपने साथ ले गई।
मस्जिद में नमाज पढ़ने के दौरान हुई थी मुलाकात
बहेड़ी के युवक ने दिल्ली के जामिया हमदर्द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च से एमबीए किया है। डिग्री हासिल करने के बाद उसने कुछ समय दुबई के एक बैंक में नौकरी की। बाद में वहां चावल एक्सपोर्ट करने का काम किया। छह साल पहले वह दिल्ली आकर एक निजी कंपनी में नौकरी करने लगा। दो महीने पहले नौकरी छोड़कर वह बहेड़ी अपने घर लौट आया था। उसने बताया कि मस्जिद में नमाज पढ़ने के दौरान उसकी रिजवान और हमदा से मुलाकात हुई थी। रिजवान ने इंजीनियरिंग और हमदा ने एमबीए किया है।
खुफिया एजेंसियों की सूचना के बाद हमने बहेड़ी के युवक को पूछताछ के लिए उठाया था। उससे साथ घंटे तक पूछताछ की, लेकिन कोई साक्ष्य न मिलने पर उसे छोड़ दिया। - असीम अरुण, आईजी एटीएस