बरेली। दहेज एवं यौन उत्पीड़न के मामले में फंसे फतेहगंज पूर्वी नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन के घर रविवार को कोतवाली पुलिस ने दबिश दी और नक्शा बनाकर लौट आई।
सपा नेता शब्बीर अहमद और उनकी पत्नी किश्वरी बेगम दोनों ही फतेहगंज पूर्वी नगर पंचायत के चेयरमैन रह चुके हैं। शहर निवासी युवती की शादी करीब सात साल पहले चेयरमैन के परिवार में हुई थी। उसने 12 दिसंबर 2018 को कोतवाली में शब्बीर अहमद, किश्वरी बेगम, इनके पुत्र रफीक अहमद, नसरीन, परवीन, रिजवान और सद्दीक अहमद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि शादी के बाद ही ससुरालियों ने दहेज में एसयूवी कार और दस लाख रुपये के लिए प्रताड़ना शुरू कर दी। उसने एक रिश्तेदार को परिवार की युवती के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया तो उस रिश्तेदार ने युवती की मदद से उसके साथ दुष्कर्म किया। पति ने भी उसका साथ नहीं दिया और गर्भवती होने के बावजूद अप्राकृतिक संबंध बनाने लगा। दूसरी बार गर्भवती हुई तो पेट में लात मारी, जिससे गर्भपात हो गया। राजनीतिक रसूख के चलते आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस परिवार ने कई योजनाओं में भी घोटाले किए लेकिन पुलिस-प्रशासन में संबंध होने से इनका कुछ न हुआ। बल्कि तलाक की धमकी देकर बड़ी हस्तियों के साथ अवैध संबंध बनाने का उस पर दबाव डाला गया। दहेज की मांग पूरी न होने पर घर से निकाल दिया गया।
फतेहगंज पूर्वी के पूर्व चेयरमैन व उनके परिवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। रविवार को एसआई सुमन को टीम के साथ भेजा गया था। घटनास्थल का नक्शा बनाया गया है, कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। - पंकज वर्मा, कोतवाली इंस्पेक्टर