बरेली। सराफ के मुनीम से पंद्रह लाख की लूट एवं मुठभेड़ में दो बदमाशों की मौत के मामले में पुलिस ने सात अन्य बदमाशों को जेल भेज दिया है। इसके बावजूद तीन बदमाश अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। ये अशोक के साथी थे, जिनसे दूसरे बदमाशों का कोई वास्ता नहीं है। इनकी पहचान और गिरफ्तारी को क्राइम ब्रांच की टीम सप्ताह भर दिल्ली में डेरा डालकर लौटी है। यह बदमाश व्हाट्सएप से एकदूसरे को कॉल करते हैं और फिर दो-तीन दिन में नया सिम इस्तेमाल करने लगते हैं।
क्राइम ब्रांच टीम ने सातों बदमाशों को जेल भेजने से पहले उनसे लंबी बात की। इसमें स्पष्ट हुआ कि बाकी बदमाशों को अशोक के साथियों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। सराफ के ड्राइवर अमित का दोस्त वकील जरूर उन्हें चेहरे से पहचानता है। वकील ने टीम को बताया कि घटना से एक दिन पहले छह जनवरी को अशोक और कपिल के साथ आए इन लोगों से उसकी मुलाकात सेटेलाइट पर हुई। फिर सुबह वे लोग रेकी करने निकल गए। रात करीब नौ बजे लौटे तो राजू उन्हें खुर्रम गौंटिया में अपने बहनोई के घर ले गया। वहां बहन-बहनोई नहीं थे। बहन के सास-ससुर को उसने बताया कि दोस्त हैं, इन्हें सुबह चार बजे ट्रेन से जाना है। इन लोगों से आलू पूरी बनवाकर खिलवाए और वहां भी ये बदमाश अलग कमरे में सोए। सर्विलांस को भी ये बदमाश गच्चा देते रहे हैं। वे हर दो दिन बाद नया सिम यूज करते हैं और केवल व्हाट्सएप कॉल या चैट करते हैं, जिससे आसानी से ट्रेस नहीं हो पाते। एसपी क्राइम रमेश भारतीय ने बताया कि टीम इनकी तलाश में फिर से जुट गई है। जल्द ही पहचान कर गिरफ्तारी की कोशिश करेंगे।