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आईजी से बोला अतीक- मुझसे मिलने वालों को घंटों खड़ा रखते हैं अधिकारी

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अतीक - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। आईजी जेल चंद्रप्रकाश ने शनिवार दोपहर बिथरी में बनी जिला जेल का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने हर बैरक और अस्पताल देखा। ो बंदियों से समस्याएं भी पूछीं। सूत्रों के मुताबिक बाहुबली अतीक अहमद की बैरक में आईजी पहुंचे तो अतीक ने बताया कि उससे मिलने आने वालों को काफी परेशानी होती है। उन्हें मिलने नहीं दिया जाता या फिर घंटों खड़ा रखा जाता है। आईजी ने इस बारे में जेल अधीक्षक से बात की। हालांकि जेल अधीक्षक ने इससे इंकार किया।
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आईजी ने जेल में करीब तीन घंटे का वक्त गुजारा। उन्होंने अतीक अहमद की बैरक चेक कराई। इसमें लगे सीसीटीवी कैमरों का हाल भी देखा। वहां सुरक्षा में रहने वाले अतिरिक्त स्टाफ से भी बात की तो अतीक समेत दूसरे बंदियों से समस्या पूछी। स्थानीय जेल अफसरों के साथ में होने के कारण किसी बंदी ने कोई खास शिकायत नहीं की। बाहर निकलकर आईजी ने बताया कि जेल में लगभग सब ओके था। सफाई व प्रकाश व्यवस्था सही मिली। उन्होंने बंदियों से मुलाकात करने वालों का रजिस्टर भी देखा। साथ ही जेल में नौ से 11 फरवरी तक चलने वाले वसंत पंचमी के कार्यक्रमों का भी जायजा लिया।

बरेली जेल में ही रहेगा अतीक
अतीक के ट्रांसफर के बाबत पूछने पर आईजी जेल ने बताया कि पहले के मुकाबले अब स्थिति काफी बदली है। जिला जेल प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा मांगी थी, जो मुहैया करा दी गई है। स्थानीय पुलिस चौकी पर भी स्टाफ बढ़ाया गया है। रात में भी पुलिस ने जेल के आसपास गश्त बढ़ा दी है। जेल अधीक्षक को भी गनर उपलब्ध करा दिया गया है। ऐसे में अतीक अहमद के यहां रहने से जेल प्रशासन को कोई समस्या नहीं है। वहीं, उनके सामने अतीक ने भी ट्रांसफर की कोई इच्छा व्यक्त नहीं की। इसलिए उसे कहीं और शिफ्ट करने का फिलहाल कोई प्लान नहीं है।
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बबलू श्रीवास्तव से भी हुआ सामना
सेंट्रल जेल में निरीक्षण के दौरान आईजी जेल का माफिया डॉन बबलू श्रीवास्तव से भी सामना हुआ। सूत्रों के मुताबिक दोनों में सामान्य बातचीत हुई। आईजी जेल ने दूसरे बंदियों के साथ ही बबलू से पूछा कि कोई समस्या तो नहीं है? बबलू ने सब ठीक बताया। किसी बंदी ने भोजन तो किसी ने इलाज बेहतर न मिलने की बात कही। इस पर उन्होंने जेल अधीक्षक अशोक सागर को निर्देश दिए।

कोर्ट के आदेश पर भी 24 घंटे में छूट रहे बंदी
पत्रकारों ने आईजी जेल को बताया कि जिला जेल से बंदियों की रिहाई में कोर्ट का आदेश आने पर भी 24 घंटे बाद तक का समय लगाया जाता है। आईजी ने जेल अधीक्षक से पूछताछ की। उन्होंने सफाई दी कि शाम चार बजे के बाद रिहाई का आदेश आने पर दूसरे दिन ही बंदियों को छोड़ना पड़ता है। जेल सुनसान में है, ऐसे में शाम ढले छोड़ने पर समस्या हो सकती है।
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