सूदखोर ने एक मजदूर से अपना सारा रुपया वसूलने के बावजूद उस पर बकाया बताकर कई महीने तक बेगार कराई। इसके बाद भी उसने मजदूर का पीछा नहीं छोड़ा और उस पर रकम बकाया बताकर पर तकाजा करने लगा। मजदूर ने विरोध किया तो सूदखोर उसके घर में घुस गया और उसकी पत्नी से दुराचार की कोशिश की। आरोप है कि मजदूर ने अपनी पत्नी को बचाने का प्रयास किया तो सूदखोर ने उसे हैंडपंप से बांधकर पीटा। उसे जूते में पेशाब पिलाने की धमकी दी। थाना पुलिस ने जब मजदूर की शिकायत पर कार्रवाई नहीं की तो उसने एडीजी से गुहार की, तब कहीं मामले की रिपोर्ट दर्ज हुई।
रिठौरा निवासी दलित मजदूर ने एडीजी को दी शिकायत में कहा है कि उसने कस्बे के ही सूदखोर अमित गुप्ता से सात हजार रुपये 10 प्रतिशत ब्याज पर लिए थे। मूल रकम अदा करके उसने सात महीने तक अमित की दुकान पर बेगारी की। इसके बावजूद अमित ने रुपये बकाया बताए। 30 जुलाई की रात आठ बजे अमित ने मजदूर के घर में घुसकर उसकी पत्नी से दुष्कर्म की कोशिश की। घटना की जानकारी होने पर अमित के पिता महेंद्र गुप्ता से शिकायत करने गया। वहां अमित, उसके पिता और मां ने उसे पकड़कर नल से बांधकर पीटा। अमित ने जूते में भरकर पेशाब पिलाने को कहा, लेकिन उसके पिता ने रोक दिया। आरोपियों ने जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उसके पांच महीने के बेटे को भी पीटा और जेब में रखे 900 रुपये और मोबाइल छीन लिया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद हाफिजगंज थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।